आगरा, जागरण संवाददाता। शहर की जर्जर पाइप लाइनें लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। बुधवार को लीकेज ने जल संस्थान की दिक्कतों को बढ़ा दिया। बीस हजार घरों में जलापूॢत नहीं हुई। दो हजार घरों में गंदा पानी पहुंचा। कई क्षेत्रों में टैंकरों से पानी की आपूॢत की गई। जीवनी मंडी वाटरवक्र्स से 119 और सिकंदरा के दोनों प्लांट से 201 एमएलडी पानी की आपूॢत हुई। पानी के प्रेशर के चलते ढाई दर्जन क्षेत्रों में लीकेज हुए। इससे हजारों लीटर पानी नालियों में बह गया। जल संस्थान की दर्जनभर टीमों ने डेढ़ दर्जन स्थलों पर लाइन की मरम्मत का कार्य पूरा किया।

इन क्षेत्रों में नहीं आया पानी

ओल्ड ईदगाह, नगला बूढ़ी, नगला किशनलाल, कालिंदी विहार ए ब्लॉक, रामबाग रोड, शमसाबाद रोड, आवास विकास सेक्टर चार, 13 और 16 के कुछ हिस्से में।

जल निगम के प्रस्ताव पर नगर निगम ने रोके एक करोड़ के कार्य

सीवर लाइन की खोदाई से आवास विकास, शास्त्रीपुरम के कुछ हिस्से, पुलिस लाइन के आसपास विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया है। सीवर लाइन बिछाने के बाद ही अब इन क्षेत्रों में रोड, नाली और टाइल्स बिछाई जाएगी। जल निगम के प्रस्ताव पर नगर निगम प्रशासन ने एक करोड़ रुपये के कार्य रोक दिए हैं। यह पहला मौका है जब जल निगम ने संबंधित क्षेत्रों में सीवर लाइन बिछाने का प्रस्ताव भेजा था। इसकी वजह यह है कि कमला नगर, बल्केश्वर सहित शहर में कई और ऐसे क्षेत्र हैं। जहां रोड बनने के दो से तीन माह के भीतर खोदाई चालू कर दी गई। इससे रोड निर्माण को झटका लगा। साथ ही जल निगम और नगर निगम के बीच सामंजस्य को लेकर भी सवाल उठने लगे।

सदन में उठा चुका है मामला : जल निगम द्वारा बिना किसी जानकारी के कार्य कराने का मामला नगर निगम के सदन में भी उठा चुका है। पार्षद राजेश प्रजापति का कहना है कि सरकारी विभागों के बीच तालमेल होना चाहिए। नई रोड बनने के बाद जल्द खोदाई नहीं होगी।

- शहर में सीवर लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। जल निगम से संबंधित क्षेत्रों की डिटेल उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था। ऐसे क्षेत्रों में लाइन बिछने के बाद ही कार्य शुरू होगा।

-नवीन जैन, मेयर  

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