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कुख्यात भूरा सलाखों के पीछे, 27 साल पहले सिपाही की हत्या कर था फरार; आगरा जेल में हुई शिनाख्त

By Dharmendra Kumar Sharma Edited By: Prateek Gupta
Published: Thu, 08 Oct 2026 11:03 PM (IST)

खेरागढ़, आगरा में 27 साल पहले एक पुलिसकर्मी की हत्या और सरकारी असलहा लूटने के आरोपी कुख्यात भूरा को गिरफ्तार ...और पढ़ें

AI जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

AI जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

धर्मेंद्र शर्मा, खेरागढ़ (आगरा)। 27 साल पहले पुलिसकर्मी की हत्या कर सरकारी असलहा लूटने की सनसनीखेज वारदात में खेरागढ़ पुलिस की लगातार मेहनत अब मुकदमे की विवेचना को एक और महत्वपूर्ण पड़ाव तक ले गई है। लंबे समय तक पहचान छिपाकर फरारी काटने वाले आरोपित भूरा की गुरुवार को जेल में शिनाख्त परेड कराई गई।

करीब एक दर्जन समान कद-काठी के लोगों के बीच खड़े आरोपित की घटना के तत्कालीन वादी एवं वर्तमान में उपनिरीक्षक उमेश तथा तत्कालीन सिपाही और वर्तमान में उपनिरीक्षक चरण सिंह ने पहचान की।

वर्ष 1998 की आखिरी रात हुई वारदात के बाद आरोपित पुलिस की पकड़ से दूर रहा। समय बीतने के साथ उसका हुलिया बदला, नाम बदला और ठिकाना भी बदलता रहा, लेकिन खेरागढ़ पुलिस ने मुकदमे को ठंडे बस्ते में नहीं जाने दिया।

फरार आरोपित की तलाश में पुराने अभिलेखों और उपलब्ध सूचनाओं की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने आखिरकार 17 जुलाई 2026 को मध्यप्रदेश के भोपाल स्थित बिलविसगंज के आरसीसी मिक्सर प्लांट से उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपित भूरा ने फरारी के दौरान अपनी पहचान बदलकर जमील पुत्र फारुख के नाम से दस्तावेज तैयार करा लिए थे और परिवार के साथ मध्यप्रदेश में रह रहा था।

गिरफ्तारी के बाद भी उसकी पहचान की कानूनी पुष्टि के लिए शिनाख्त परेड कराना विवेचना की गंभीरता को दर्शाता है। पुराने मामले में लूटी गई राइफल की बरामदगी समेत अन्य बिंदु अभी विवेचना का हिस्सा हैं।

पुलिस की अब तक की कार्रवाई में लगातार प्रयास, पुराने मामले को जीवित रखते हुए साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ने और विवेचना को तार्किक अंजाम तक पहुंचाने की गंभीरता साफ दिखाई देती है शिनाख्त परेड से मुकदमे में महत्वपूर्ण साक्ष्य जुड़ने की उम्मीद है। थाना प्रभारी हरीश शर्मा ने बताया कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।