मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

आगरा, विनीत मिश्र। मतदाता का मिजाज भी अजीब है। उसके मन की भांप पाना मुश्किल ही नहीं, नाममुकिन भी है। आजादी से अब तक के हुए चुनावों की ज्यादातर नतीजे तो यही बताते हैं मगर प्रत्याशी के व्यक्तित्व पर रीझ जाए या पार्टी की रीति-नीति पर। तो बात अलग है। वर्ष 1977 में हुए लोकसभा चुनाव में आपातकाल के खिलाफ आक्रोश था तो वर्ष 2014 में मोदी लहर, मतदान का ग्राफ अब तक के चुनावों में टॉप पर रहा है। ब्रज के छह संसदीय क्षेत्रों की बात की जाए तो मथुरा और फीरोजाबाद में ही मोदी लहर में मतदाता झूमा था।

चुनाव में वोट पाने की परीक्षा प्रत्याशी और पार्टी की होती है तो मतदान का ग्राफ ऊंचा करने की जिम्मेदारी मतदाता की भी होती है। ये अलग बात है कि दोनों ही मायने कभी भी पैमाने पर खरे नहीं उतरते। 50 फीसद के आसपास ही मंडराने वाले मतदान के आंकड़े इसके गवाह भी हैं। बहुत कम चुनावों में ही ऐसा देखा गया जब मतदान के आंकड़े 60 या इससे ऊपर का आंकड़ा छू पाए हों। आजादी के बाद से अब तक के हुए लोकसभा चुनावों पर नजर डालें तो ये आश्चर्य मुख्य रूप से तीन चुनावों में देखने को मिलता है। वर्ष 1971, वर्ष 1977 और वर्ष 2014 में। वर्ष 1971 में तो नहीं, मगर बाकी के दोनों चुनाव खास रहे हैं। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सिफारिश पर राष्ट्रपति फखरुददीन अली अहमद के आदेश से देश में 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक आपातकाल लागू हुआ था। वर्ष 77 के चुनाव में मतदाताओं में आपातकाल के खिलाफ गहरा आक्रोश था। मतदाताओं के इसी रुझान के बूते जनता पार्टी ने केंद्र में बहुमत की सरकार बनाई थी। मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने थे। संसद में कांग्रेस सदस्यों की संख्या 350 से घटकर 153 पर पहुंच गई थी। तब 30 वर्षों बाद देश में पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार बनी थी। इसके बाद हालांकि मंडल कमीशन का मुद्दा और राम मंदिर लहर भी चली, मगर लोकसभा चुनावों के मतदान में इसका कोई उल्लेखनीय आंकड़ा नहीं बन पाया। मतदान के प्रति उफान की स्थिति बन पाई वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में। बदलाव की बयार में मोदी लहर विरोधियों के लिए सुनामी साबित हुई।

आगरा, मैनपुरी, एटा में रहा था इमरजेंसी इफैक्ट

आगरा में वर्ष 2014 के चुनाव में 58.98 फीसद ही मतदान हुआ था जबकि वर्ष 1977 में 65.75 फीसद था। आगरा में सबसे कम मतदान 2009 में 42.03 फीसद रहा था। मैनपुरी में वर्ष 2014 के चुनाव में 60.46 फीसद ही मतदान हुआ था जबकि वर्ष 1977 में 62.03 फीसद था। यहां सबसे कम मतदान 1971 में 39.36 फीसद मतदान रहा था। एटा में वर्ष 2014 के चुनाव में 58.72 फीसद ही मतदान हुआ था जबकि वर्ष 1977 में 66.96 फीसद था। सबसे कम मतदान 1996 में 46.90 फीसद मतदान रहा था।

फीरोजाबाद और मथुरा में ही मोदी लहर

मतदान के आंकड़ों के आधार पर बात करें तो वर्ष 2014 के चुनाव में मथुरा और फीरोजाबाद में ही अब तक के हुए चुनावों में सबसे ज्यादा मतदान हुआ। मथुरा में 1977 में जहां 62.80 फीसद मतदान हुआ तो वर्ष 2014 में यही आंकड़ा 64.10 तक पहुंच गया था। इसी तरह फीरोजाबाद में वर्ष 1977 में सिर्फ 52 फीसद मतदान हुआ तो वर्ष 2014 में यही आंकड़ा 67.49 तक पहुंच गया।

चुनौती तो अब भी है

आगरा, फतेहपुर सीकरी और मथुरा में 18 अप्रैल को जबकि फीरोजाबाद, एटा, मैनपुरी में 23 अप्रैल को मतदान होना है। सूरज की तपिश तब तक और तेज होने की आशंका है। देखना ये है कि इस बार मतदान फीसद का ग्राफ कौन सा रिकॉर्ड तोड़ता है या बनाता है।

मैनपुरी मतदान फीसद

वर्ष मतदान

1951 40.97

1957 50.04

1962 58.55

1967 59.47

1971 39.36 (सबसे कम)

1977 62.03 (सबसे अधिक)

1980 54.24

1984 61.53

1989 54.15

1991 50.74

1996 59.49

1998 59.34

1999 52.30

2004 59.46

2009 49.67

2014 60.46

आगरा

1951 47.42

1957 56.33

1962 63.64

1967 61.78

1971 52.30

1977 65.75 (सबसे अधिक)

1980 53.48

1984 54.35

1989 42.89

1991 45.61

1996 43.31

1998 53.52

1999 51.39

2004 44.92

2009 42.03 (सबसे कम)

2014 58.98

फीरोजाबाद

1951

1957 52.54

1962 50.56

1967 49.71

1971 31.11 (सबसे कम)

1977 52.54

1980 41.94

1984 47.79

1989 48.68

1991 48.28

1996 40.97

1998 52.52

1999 50.38

2004 40.69

2009 48.16

2014 67.49 (सबसे अधिक)

मथुरा

1951 48.40

1957 55.27

1962 54.27

1967 62.24

1971 50.48

1977 62.80

1980 50.25

1984 50.61

1989 51.32

1991 49.77

1996 39.02 (सबसे कम)

1998 53.71

1999 45.94

2004 47.16

2009 54.15

2014 64.10 (सबसे अधिक)

एटा

1951 51.34

1957 54.67

1962 56.45

1967 58.84

1971 57.46

1977 66.96 (सबसे अधिक)

1980 47.43

1984 54.38

1989 54.04

1991 55.50

1996 46.90 (सबसे कम)

1998 63.87

1999 57.39

2004 52.03

2009 44.46

2014 58.72

फतेहपुर सीकरी

2009 51.56

2014 61.26 

Posted By: Prateek Gupta

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