आगरा(जेएनएन): वृन्दावन में हो रहे विप्र महाकुम्भ में वक्ताओं ने कहा कि देश में एससीएसटी एक्ट सुप्रीम कोर्ट के अनुसार ही लागू होना चाहिए। सरकार देश को जातिवाद के आधार पर न बाटे। आरक्षण में भी देश में समानता लागू होनी चाहिए। गरीब की कोई जाति नहीं होती। हर जाति धर्म में गरीब लोग होते हैं। सरकार द्वारा जो भी योजना और सुविधा दी जाती है वे हर जाति और धर्म के लोगों को मिलनी चाहिए। हर जाति और धर्म के जरूरतमंदों को लाभ मिलना चाहिए।

वृंदावन के छटीकरा स्थित शाति सेवा धाम में बुधवार को आयोजित विप्र महाकुम्भ में जुटे सैंकड़ों ब्राह्मणों ने केंद्र सरकार को चेतावनी भरे लहजे में जातिवाद का जहर न घोलने की अपील की। महाकुम्भ के मंच से देशभर के विप्रों से एकमंच पर आने का आह्वान भी किया। ताकि राजनीति में बनती दूरी से निपटने में आसानी हो सके। सत्ता के गलियारों में भी विप्र अपना दखल दे सकें। महाकुंभ का आरंभ अखिल भारतीय ब्राह्माण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक ने दीप प्रज्वलित कर किया।

महासंघ ब्रजमंडल के विप्रों को एक मंच पर लाने और सरकार को अपनी ताकत का एहसास दिलाने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है। साथ ही एससी-एसटी एक्ट का विरोध इसमें शामिल किया गया है। इससे पूर्व मंगलवार को युवा विप्रों ने बाइक रैली निकाली।

बता दें कि विप्र महाकुंभ के आयोजन से पहले इसको लेकर विरोध के स्वर भी उठने लगे थे। मारुति नगर स्थित सीएल पब्लिक स्कूल में बीते दिन आयोजित बैठक में ब्राह्मण महासभा के संरक्षक सुरेशचंद्र शर्मा ने आयोजन की दिशा भटकने पर आपत्ति जताई थी। ब्राह्मण सेवा संघ के संस्थापक अध्यक्ष चंद्रलाल शर्मा, अध्यक्ष आनंद बल्लभ गोस्वामी ने आयोजन समिति पर सबको साथ न लेकर चलने का आरोप लगाया था। कहा था कि विप्र महाकुंभ की शुरूआत विप्र संगठनों को एकजुट करने के लिए की गई थी। अब एससीएसटी एक्ट के विरोध तक ही सीमित रह गई है।

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