आगरा,जागरण संवाददाता। डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने शासन की मंशा के अनुरूप सभी 38 विषयों की बोर्ड आफ स्टडीज की बैठकें करा ली हैं। इसमें की संस्तुतियों को संबंधित संकाय से अनुमोदित कराने के बाद शुक्रवार को हुई विद्या परिषद की आनलाइन बैठक में रखा गया, जिसे अनुमोदन प्रदान कर दिया गया है। शोधार्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने की। उन्होंने बताया कि विगत 20 अप्रैल को शासन से पत्र आया था कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुपालन में आगामी सत्र 2021-22 से राज्य के समस्त विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर पर नवीन पाठ्यक्रम को लागू किया जाना है। शासन द्वारा प्रत्येक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 38 विषयों के पाठ्यक्रम अपलोड भी कर दिए गए थे। विश्वविद्यालय की बोर्ड आफ स्टडीज ने शासन द्वारा भेजे गए संपूर्ण पाठ्यक्रम में से प्रथम वर्ष के अर्थात प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर के पाठ्यक्रम को ही अनुमोदन प्रदान किया है। आगामी सत्र में इन विषयों के अध्ययन व अध्यापन के बाद दोबारा बोर्ड आफ स्टडीज की बैठकें आहूत की जाएंगी, जिसमें द्वितीय और तृतीय वर्ष के पाठ्यक्रम को स्वीकृति प्रदान की जाएगी। आगामी सत्र में चाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम(सीबीसीएस) पद्धति लागू किए जाने के लिए शासन का आदेश आने के पश्चात स्नातक स्तर पर इन पाठ्यक्रमों का अध्यापन शुरू कर दिया जाएगा। कुलपति ने बताया कि बोर्ड आफ स्टडीज के सभी संयोजकों और सदस्यों ने इन पाठ्यक्रमों का गहनता से अध्ययन किया। कुछ पाठ्यक्रमों में कुछ बिदुओं में स्पष्टता का अभाव था, वहां सुधार और संशोधन किया गया है।

बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय पीएचडी और एमफिल शोधार्थियों के लिए लिया गया है। अधिष्ठाता शोध प्रो. अजय तनेजा ने प्रस्ताव विद्या परिषद में रखा था कि वर्ष 2013 के अध्यादेशों के अंतर्गत शोध कर रहे लगभग 300 शोधार्थी ऐसे हैं, जिनका शोध प्रबंध जमा करने का समय पूर्ण हो गया है। कोरोना के कारण वे अपना शोध प्रबंध जमा नहीं कर पा रहे हैं।बैठक में फैसला लिया गया कि ऐसे सभी शोधार्थी बिना किसी औपचारिकता और अतिरिक्त शुल्क के 31 दिसंबर तक अपना शोध प्रबंध जमा कर सकते हैं।

बैठक का संचालन कार्यवाहक कुलसचिव प्रो. पीके सिंह और प्रो. वीके सारस्वत ने किया। बोर्ड आफ स्टडीज की सभी बैठकों के संचालन में सहायक कुलसचिव ममता सिंह, अकादमिक विभाग की प्रभारी हरि कुमारी, इंजीनियर नमन गर्ग और इंजीनियर हिमांशु का सहयोग रहा। विद्या परिषद की बैठक में प्रभारी परीक्षा नियंत्रक प्रो. उमेश चंद्र शर्मा, प्रोफेसर सुगम आनंद, प्रो. दिवाकर खरे, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, प्रो. प्रदीप श्रीधर, प्रो. मीनाक्षी श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

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