आगरा, संजीव जैन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे से पहले अमेरिकी एडवांस टीम, सीआइए और यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस सहित अन्य अमेरिकी एजेसिंयों ने आगरा में डेरा डाल दिया है। ये टीमें किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने को कड़े सुरक्षा इंतजाम कर रही हैं।

अमेरिकी एजेंसी जमीन ही नहीं, हवा और पानी से संभावित खतरों पर भी विशेष सतर्कता बरतते हुए सीधे अमेरिकी कंट्रोल रूम के संपर्क में हैं। इस टीम की तकनीकी सर्वेक्षण रिपोर्ट के बाद ट्रंप की यात्रा के लिए संभावित रास्ते पर अमेरिकी उपग्रह नजर रख रहा है। यह टीम अपनी रिपोर्ट शांतिपथ चाणक्यपुरी नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास भेज रही है। भारत में अमेरिकी राजदूत केनेथ आई जस्टर और उप राजदूत मैरीके एल कार्लसन इस रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के साथ समीक्षा कर रहे हैं। 24 फरवरी को ट्रंप के आगमन के दौरान कौन उनसे मिलेगा, उसकी सूची भी अजित डोभाल स्तर से तैयार हो रही है।

सूत्रों के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप जहां भी जाते हैं, सीक्रेट सर्विस के एजेंट उन्हें सुरक्षित रखने के लिए उनके साथ यात्रा करते हैं। इन एजेंट पर प्रोटोकॉल के साथ-साथ अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए नियम पुस्तिका को पूरा करने का भी जिम्मा होता है। आगरा में 11 अधिकारियों की इस टीम की रिपोर्ट के बाद भारत में नई दिल्ली स्थित अमेरिका दूतावास गुप्त सेवा बेस कैंप के रूप में काम कर रहा है। अमेरिकी उपग्रह निगरानी दल को भी इस टीम ने रिपोर्ट भेजी है। इस रिपोर्ट के आधार पर अमेरिकी उपग्रह आगरा पर फोकस किए हुए है। उपग्रह का डेटा विश्लेषण भी शुरू हो गया है। टीम ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर जमीनी सुरक्षा डेटा एकत्र किया है। इसकी उपग्रह की खुफिया व अमेरिकी स्रोतों से पुष्टि कराई जा रही है। शनिवार को सीक्रेट सर्विस की दूसरी टीम यानी इनर लेयर विंग के अधिकारियों की टीम आगरा आएगी। यह टीम अमेरिकी राष्ट्रपति के जाने वाले स्थानों पर विस्फोटक दल और डॉग स्क्वाड के साथ अपनी निगरानी बढ़ाएगी। तीसरी टीम उनके यात्रा मार्ग को डिजाइन कर रही है। प्रोटोकॉल के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति को जमीन पर न्यूनतम यात्रा करनी होती है। भूमि मार्ग पर 10 मिनट से अधिक की दूरी पर एक अस्पताल होना चाहिए।

हर हमले से निपटने में माहिर है यह एजेंट

यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस के एजेंट रासायनिक, जैविक या फिर परमाणु हमले से निपटने सक्षम हैं। काला चश्मा लगाए यह एजेंट राष्ट्रपति के आसपास के लोगों के साथ हर एक गतिविधि पर नजर रखते हैं। यह एजेंट्स केवल राष्ट्रपति की सुरक्षा का जिम्मा ही संभालते हैं। अगर मौके पर कोई घटना होती है तो ये सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति को सुरक्षित स्थान तक लेकर जाते हैं।

'अ' की त्रिवेणी, आगरा पर फोकस

अ यानी अमेरिका, अहमदाबाद व आगरा। अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए अहमदाबाद के साथ-साथ आगरा में सर्वाधिक फोकस किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार यह क्षेत्र मिश्रित आबादी वाला अधिक है, इसलिए यहां सुरक्षा पर खास फोकस किया जा रहा है।  

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