आगरा, जागरण संवाददाता। उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 23 जनवरी 2022 को होगी। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर सेक्टर मजिस्ट्रेट व पर्याप्त पुलिस बल तैनात होगा। परीक्षा केन्द्र के 200 मीटर की परिधि में आने-जाने पर रोक रहेगी और केंद्र की गतिविधियों पर जिला मुख्यालय स्तर पर बनाए कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के जरिए नजर रखी जाएगी। सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर तत्काल साइबर अपराध नियंत्रण कानून के तहत कठोर कार्रवाई और एफआईआर की जाएगी। प्रश्नपत्र व ओएमआर शीट को कोषागार के डबल लॉकर से ले जाने की जिम्मेदारी स्टैटिक मजिस्ट्रेट की होगी। परीक्षा केन्द्र के भीतर उपस्थित अधिकारी, पर्यवेक्षक, व्यवस्थापक के पास मोबाइल फोन, इलेक्ट्रानिक डिवाइस या कैमरा किसी हालत में नहीं होना होगा।

जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि यूपीटीईटी का पेपर लीक होने के कारण 29 नवंबर 2021 को रद हुई परीक्षा को दोबारा से सुचितापूर्वक कराने के लिए जिले में परीक्षा केंद्रों के निर्धारण का काम पूरा हो गया है। यूपीटीईटी के लिए पहली पाली में 70 और दूसरी पाली में 48 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर करीब 38922 परीक्षार्थी शामिल होंगे।

डीएम प्रभु एन सिंंह ने बताया कि यूपीटीईटी के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर सख्त पहरा बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। नकल माफिया पर नकेल कसने के लिए एसटीएफ हाई अलर्ट पर है। जिले में एलआईयू पहले से ही सक्रिय है। सख्ती इतनी रहेगी कि परीक्षार्थियों के साथ-साथ केन्द्र पर मौजूद अधिकारियों, केन्द्र व्यवस्थापकों, पर्यवेक्षकों तक को मोबाइल आदि रखने की अनुमति नहीं दी जा रही है। सीसीटीवी कैमरे से परीक्षा केन्द्रों की निगरानी की जाएगी।

डबल लाकर में रखे जाने की तैयारी

पिछली बार प्रश्न-पत्र प्रिटिंग प्रेस से लीक हुआ था, इसलिए इस बार उसकी सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सुरक्षा बरती जाएगी। प्रिटिंग प्रेस से प्रश्न-पत्रों को कड़ी सुरक्षा के बीच राजकीय कोषागार में लाकर डबल लाकर में रखा जाएगा और परीक्षा वाली सुबह ही निकाला जाएगा।

प्रवेशपत्र जारी

परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने 23 जनवरी को होने वाली परीक्षा के लिए संशोधित केंद्र व दिनांक वाले प्रवेश-पत्र अपने पोर्टल पर अपलोड कर दिए हैं, जिन्हें परीक्षार्थी वहां से अपलोड कर सकते हैं। साथ ही तैयारी की जा रही है कि बाहरी जिलों से आने वाले विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र को ही उनका टिकट माना जाएगा, ताकि उन्हें आने में दिक्कत न हो। 

Edited By: Tanu Gupta