UPI पर एमडीआर टला, आगरा के व्यापारी बोले...अब दीपावली अच्छी मनेगी
यूपीआई पर 2000 रुपये से अधिक के भुगतान पर लगने वाला मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) दीपावली तक टाल दिया गया ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, आगरा। यूनिफाइड पैमेंट इंटरफेस (यूपीआइ) से दो हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर 15 अक्टूबर से लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को दीपावली तक के लिए टाल दिया गया है। ग्राहक द्वारा किए गए दो हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर व्यापारियों पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क और उस पर जीएसटी लागू होता।
व्यापारिक संगठनों द्वारा निरंतर इसका विरोध किया जा रह था। दीपावली तक शुल्क को टाले जाने से व्यापारियों को त्योहारी सीजन में राहत मिली है। व्यापारी शुल्क को स्थायी रूप से हटाने की मांग कर रहे हैं।
संगठन ने 15 अक्टूबर को प्रस्तावित बाजार बंद के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है। राष्ट्रीय व्यापार मंडल ने 500 जिलों में शुल्क के विरोध में ज्ञापन सौंपे थे। त्योहारी सीजन में व्यापारियों को राहत मिली है।
-टीएन अग्रवाल, अध्यक्ष आगरा व्यापार मंडल
यूपीआइ से दो हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर व्यापारियों पर लगाया गया 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क पूरी तरह गलत है। सरकार ने इसे अभी तो दीपावली तक के लिए टाल दिया है, लेकिन यह शुल्क लागू नहीं होना चाहिए।
-दिलीप खूबचंदानी, संरक्षक द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन
यूपीआइ से भुगतान पर एमडीआर शुल्क को पूरी तरह हटाया जाना चाहिए। पहले से ही यह संभावना जताई जा रही थी कि सरकार चुनाव के चलते शुल्क को टाल सकती है। फिलहाल शुल्क लागू नहीं होने से त्योहारी सीजन में कारोबारियों को राहत मिलेगी।
-विकास मोहन बंसल, व्यापारी नेता
एक सशक्त डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए व्यापारियों का आर्थिक रूप से सशक्त होना भी आवश्यक है। सरकार और व्यापारी समुदाय के बीच बेहतर समन्वय ही एक मजबूत, समावेशी एवं आत्मनिर्भर डिजिटल भारत की नींव है।
-निधि अग्रवाल, प्रदेश महिला महामंत्री संपूर्ण उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
