आगरा, जागरण संवाददाता। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रविवार को आगरा आ रही हैं। वे डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के विभिन्न परिसरों का निरीक्षण करेंगी। राज्यपाल को अच्छा दिखाई दे, इसके लिए विश्वविद्यालय ने पूरी तैयारी की है। लेकिन, विश्वविद्यालय से जुड़े लाखों छात्रों को भी राज्यपाल से कई उम्मीदें हैं। इनमें स्थायी कुलपति से लेकर परीक्षा और परिणाम तक शामिल हैं। साथ ही विश्वविद्यालय पर दाग लगाने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी इच्छा है।

एक साल से स्थायी कुलपति नहीं

विश्वविद्यालय में पिछले एक साल से स्थायी कुलपति नहीं हैं। प्रो. अशोक मित्तल को कार्यविरत करने और इस साल जनवरी में उनके द्वारा इस्तीफा देने के बाद दो कार्यवाहक कुलपति रहे हैं। पहले प्रो. आलोक राय जिन्हें लंबे समय तक मौका नहीं दिया गया और दूसरे प्रो. विनय कुमार पाठक जो अब तक कानपुर विश्वविद्यालय के साथ इस विश्वविद्यालय को भी संभाल रहे हैं। इस बीच स्थायी कुलपति के लिए तीन महीने पहले भी प्रक्रिया हुई थी, जिसे रद्द कर दिया गया। नई प्रक्रिया भी अंतिम चरण में हैं।

स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति सबसे बड़ा फैसला

स्थायी कुलपति के न रहने से नीतिगत फैसले नहीं लिए जा रहे हैं। इनमें स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति सबसे बड़ा फैसला है। लगभग 50 स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति होनी है, जिनके न रहने से संविदा व अतिथि प्रवक्ताओं की मदद ली जा रही है। संविदा और अतिथि प्रवक्ता हर साल देरी से रखे जाते हैं, जिस वजह से छात्रों की पढ़ाई का नुकसान होता है।

परीक्षा और परिणाम समय से नहीं

विश्वविद्यालय में समय से परीक्षा और परिणाम जारी नहीं होते हैं। बीडीएस, विधि और बीएएमएस की परीक्षाएं ऐसी हैं, जिनका परीक्षा कार्यक्रम दो साल की देरी से जारी हुआ है। परिणाम भी कालेजों की ढिलाई की वजह से लटके रहते हैं।

पेपर लीक और बीएएमएस मामला

मई में 11 और 14 तारीख को मुख्य प रीक्षाओं के दौरान आगरा कालेज से पेपर लीक हुए। इस पूरे मामले में विश्वविद्यालय के साथ ही पुलिस ने भी फौरी सक्रियता दिखाई। शुरुआती दिनों में सख्ती दिखाई जिससे एक आरोपी ही गिरफ्तार हो पाया। कोचिंग संचालक और कालेज प्रबंधक अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। 27 अगस्त को बीएएमएस की कापी बदलने का मामला तूल पकड़ गया है। इस मामले में मुख्यमंत्री के निर्देशों पर एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है। एसटीएफ ने अपना कार्यालय भी यहीं खोल लिया है। इस मामले में भी अब तक मुख्य आरोपी तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है।

कालेजों में नहीं है अनुमोदित शिक्षक प्राचार्य

पेपर लीक मामले के बाद विश्वविद्यालय द्वारा कराई गई जांच में पता चला कि 350 से ज्यादा कालेजों के बाद अस्थायी संबद्धता है। इनमें किस कालेज में अनुमोदित शिक्षक या प्राचार्य हैं इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के पास है ही नहीं। यही नहीं, उस समय कालेजों के डाटा को डिजिटलाइज्ड करने की बात कार्यवाहक कुलपति ने की थी जो अब तक नहीं हो पाया है।

पूरा नहीं किया होमवर्क

दीक्षा समारोह में आई राज्यपाल ने विश्वविद्यालय को बिजली की बचत के लिए सौर ऊर्जा का ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए विश्वविद्यालय के हर संस्थान में सोलर प्लांट लगाने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही जल संचयन, स्वच्छता और हरियाली बढ़ाने के लिए भी कहा था। इन सभी कामों का ब्लू प्रिंट एक महीने में बनाकर राज्यपाल को देना था, लेकिन यह सभी काम अब तक सिर्फ कागजों में ही आगे बढ़ रहे हैं।

जल संचयन के लिए विश्वविद्यालय कुछ संस्थानों के सालों पुराने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर संतुष्ट है। संस्कृति भवन भी है मुद्दा बिना नक्शे के बना संस्कृति भवन भी एक मुद्दा है। जिसकी शिकायत राज्यपाल तक कई बार अलग-अलग स्तरों से पहुंची है। इस भवन की नींव ही झूठे कागजों पर बनी है। उद्घाटन के कुछ महीने बाद ही भवन की चिंताजनक स्थिति को दैनिक जागरण ने कई बार प्रकाशित किया है।

यह है राज्यपाल का कार्यक्रम

  • राज्यपाल रविवार सुबह 9:40 बजे राजकीय वायुयान से खेरिया एयरपोर्ट पर आएंगी।
  • 9:45 पर कार से मथुरा के लिए प्रस्थान करेंगे।
  • दोपहर 12:30 बजे खंदारी परिसर स्थित गेस्ट हाउस पहुंचेंगी।
  • गेस्ट हाउस में करीब डेढ़ घंटे रुकने के बाद वो दोपहर दो बजे संस्कृति भवन का निरीक्षण करेंगी।
  • इसके बाद छलेसर परिसर, विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर, खंदारी परिसर का निरीक्षण करेंगी।
  • शाम सात बजे तक अधिकारियों के साथ खंदारी परिसर में बैठक करेंगी।
  • कुलाधिपति आवास में रात्रि विश्राम करने के बाद सोमवार सुबह गोरखपुर के लिए प्रस्थान करेंगी।

पूरा दिन होती रही सफाई

राज्यपाल आगमन से पहले विश्वविद्यालय में शनिवार को सफाई अभियान चलता रहा। हर परिसर में सफाई कर्मचारी की टोलियां सुबह से शाम तक व्यवस्थाएं दुरुस्त करती नजर आईं। गंदगी के ढेर हटा दिए गए। घास काट दी गई। कारीडोर साफ कर दिए गए। पुरानी अलमारियां नजर के सामने से हटा दी गईं। पालीवाल पार्क परिसर में टाइल्स बिछा दी गईं। शौचालय भी साफ हो गए। खंदारी परिसर स्थित गेस्ट हाउस में प्रशासनिक अधिकारियों का जमावड़ा रहा। कुलाधिपति कक्ष की सफाई की गई। जेपी सभागार में पौधे लगाए गए।

रविवार को विश्वविद्यालय खुलेगा, शिक्षकों में बांटी जिम्मेदारी

राज्यपाल के निरीक्षण के लिए दौरान कौन सा शिक्षक कहां तैनात रहेगा, इसका पत्र कुलसचिव डा. विनोद कुमार ने शनिवार को जारी किया। प्रो. संजीव कुमार, प्रो. देवेंद्र कुमार व विश्वविद्यालय अभियंता गेस्ट हाउस, प्रो. संजय चौधरी व प्रो. यूएन शुक्ला संस्कृति भवन, परीक्षा नियंत्रक प्रो. ओमप्रकाश, प्रो. बृजेश तिवारी, डा. रवि शेखर व डा. अखिलेश चंद्र सक्सेना छलेसर परिसर, प्रो. यूसी शर्मा व प्रो. मो. अरशद पालीवाल पार्क परिसर और प्रो. मनुप्रताप सिंह, प्रो. अर्चना सिंह, प्रो. अचला गक्खड़, प्रो. भूपेंद्र स्वरूप शर्मा व डा. एसके जैन खंदारी परिसर की व्यवस्थाएं संभालेंगे।

संबंधित खबर...

Agra University: राज्यपाल का निरीक्षण कल, 24 घंटे में कैसे पूरा करेंगे होमवर्क और कैसे छिपाएंगे गंदगी को? 

Edited By: Abhishek Saxena

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट