राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने समर्थ शिक्षक-सशक्त भारत पर दिया जोर, आगरा में कार्यशाला
आगरा के डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में 'समर्थ शिक्षक-सशक्त भारत' कार्यशाला शुरू हुई। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इसका उद्घाटन किया, ...और पढ़ें

जेपी सभागार में कार्यशाला का उद्घाटन करतीं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल। साथ हैं उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, कुलपति प्रो. आशु रानी।
HighLights
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर शिक्षक सशक्तिकरण चर्चा।
आगरा में 250 से अधिक शिक्षक, अधिकारी हुए शामिल।
जागरण संवाददाता, आगरा। डाॅ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में एनसीटीई की दो दिवसीय कार्यशाला ‘समर्थ शिक्षक-सशक्त भारत’ का शुभारंभ मंगलवार को हो गया। कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए शिक्षकों की नए दौर में भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
जयप्रकाश नारायण सभागार में हो रही कार्यशाला में केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा भी कार्यशाला में शामिल हुए हैं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षक को विद्यार्थियों के आदर्श व्यक्तित्व निर्माता होने चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में शिक्षक सशक्तीकरण, व्यावसायिक दक्षता और निरंतर विकास पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक (एनपीएसटी) और राष्ट्रीय मेंटरिंग मिशन का उद्देश्य शिक्षकों को मार्गदर्शन देना और उनके अनुभवों को शिक्षा व्यवस्था की सामूहिक पूंजी बनाना है।
शिक्षकों को अपने आचरण, प्रेरणा और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों का भविष्य संवारना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की वास्तविक स्थिति समझने के लिए आंकड़े जुटाना और जमीनी स्तर पर काम करना जरूरी है। शिक्षकों को निरंतर आत्ममंथन करते हुए नवाचार अपनाने चाहिए।
अध्यापकों के लिए राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक (एनपीएसटी) व स्कूल शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय मार्गदर्शन मिशन (एनएमएम) के चरणबद्ध क्रियान्वयन, डिजिटल ऑनबोर्डिंग पर चर्चा की जाएगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के के अनुरूप, एनसीटीई शिक्षकों को सशक्त करने के लिए आयोजित सम्मेलन में चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू व कश्मीर और लद्दाख सहित उत्तरी राज्यों एवं केंद्र-शासित प्रदेशों के शिक्षक और प्रतिनिधि शामिल होंगे।
सम्मेलन में स्कूल शिक्षा निदेशालयों, राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषदों उत्कृष्ट जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों, नामित राज्य नोडल अधिकारियों के साथ ही केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति और सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के प्रधानाचार्यों व शिक्षकों की भी सहभागिता होगी।
