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सभी पेट्रोल पंपों पर लगेंगे ईवी चार्जिंग स्टेशन, UP में मारी डीवीवीएनएल ने बाजी

By Vidhyaram Narwar Edited By: Prateek Gupta
Published: Mon, 05 Oct 2026 02:12 PM (IST)

डीवीवीएनएल उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों के लिए बिजली कनेक्शन प्रदान करने में सबसे आगे है। केंद्र सरकार ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

जागरण संवाददाता, आगरा। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की तैयारी तेज हो गई है। चार्जिंग स्टेशन के लिए बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) प्रदेश की चारों बिजली कंपनियों में सबसे आगे है।

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (वाणारसी) के क्षेत्र में सर्वाधिक आवेदन आएं हैं। जबकि डीवीवीएनएल ने सर्वाधिक ईवी चार्जिंग कनेक्शनों के साथ प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।

उप्र में चार बिजली कंपनी सप्लाई देने का कार्य कर रही हैं। केंद्र सरकार ने ईवी पालिसी 2.0 के तहत 2030 तक कुल वाहन बेड़े की बिक्री का कम से कम 30 प्रतिशत का लक्ष्य है। इसके लिए ढ़ांचे को मजबूत किए जाने के लिए सभी ऑयल कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी अपनी कंपनी की सभी पेट्रोल पंपों पर ईवी चार्जिग स्टेशन अनिवार्य रूप से स्थापित कराएं।

आवेदन मिलने के बाद समय सीमा के अंदर डीवीवीएनएल बिजली कनेक्शन देने में आगे चल रहा है। आवेदन के एक सप्ताह के अंदर हर हाल में कनेक्शन दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कहीं पर कोई दिक्कत और परेशानी आ रही है, तो इसकी माॅनिटरिंग के लिए अधिशासी अभियंता स्तर के एक अधिकारी को लगाया गया है। यह प्रभार देख रहे प्रभात कुमार सिंह लगातार प्रत्येक आवेदन की प्रगति समीक्षा करते हैं।

सरकारी कार्यालयों में भी लगेंगे चार्जिंग स्टेशन

कस्बों और ग्रामीण क्षेत्र में हर तीन किलोमीटर पर ईवी चार्जिग स्टेशन स्थापित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं हाईवे पर 25 किलोमीटर के अंतराल पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। जिससे चार्जिग की समस्या नहीं रहेगी, तो इलेक्ट्रिक वाहनों की खुद व खुद संख्या में बढ़ोत्तरी होगी। सरकारी कार्यालयों में एवं सार्वजनिक स्थालों पर भी चार्जिंग स्टेशन बनाए का भी लक्ष्य रखा गया है।

ईवी चार्जिंग स्टेशन के आवेदनों पर तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लंबित आवेदनों की डिस्काम स्तर पर लगातार समीक्षा की जाती है। समस्या आने पर तत्काल समाधान कराया जाता है। यह क्रांति है, जिसमें डीवीवीएनएल भूमिका निभा रहा है।

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श्रुति, प्रबंध निदेशक, डीवीवीएनएल