आगरा, अम्बुज उपाध्याय। चुनावी समर के लिए भाजपा संगठन ने अभी योद्धाओं की घोषणा नहीं की है, लेकिन बूथस्तर तक संगठन को कस दिया है। बूृथ समितियों, प्रबुद्धजनों के माध्यम से लोगों तक पकड़ बनाने की योजना है, तो आरएसएस भी राष्ट्रवाद के संदेश के सहारे भाजपा को मजबूत बनाने के लिए समानंतर कार्य करने में जुट गया है। संघ ने वोटर लिस्ट के हर पन्ने से लेकर विधानसभा क्षेत्र स्तर पर सहयोगी संगठनों को दायित्व सौंप दिए हैं। 38 सहयोगी संगठनों से जुड़े स्वयंसेवक ब्रजक्षेत्र की सभी विधानसभा क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को धार्मिक और राष्ट्रवाद की भावनाएं जगाने एवं, भाजपा के पक्ष में प्रेरित करेंगे।

ब्रजक्षेत्र की 65 विधानसभा क्षेत्र में से 57 पर भाजपा ने गत चुनाव में जीत दर्ज की है। संगठन अपनी ऐसी सीट जिन पर कमल नहीं खिल सका उनके साथ ही पुराने किले को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है। इसके लिए अब संघ सहित सहयोगी संगठनों ने भी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी कर ली है। पिछले दिनों संघ के सहसरकार्यवाह ने आंतरिक बैठक की थी, जिसमें राष्ट्रवाद के लिए काम करने के निर्देश भी दिए गए थे। सहयोगी संगठनों के स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है और वे सघन संपर्क में जुट गए हैं। समान विचारधारा के परिवारों में जाकर उनके बीच समय बिताया जा रहा है, तो बस्तियों में पहुंच राष्ट्रहित के चिंतन की सरकार गठन के फायदे गिनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही सभी को सौ फीसद मतदान के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। स्वयंसेवकों की टीम मतदान के दिन भी वोटर को पोलिंग बूथ तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेगी और मतदान फीसद को बढ़ाने का प्रयास भी किया जाएगा।

ये बनाई है संरचना

- वोटर लिस्ट के हर पन्ने का प्रमुख

- हर बूथ पर एक समन्वयक और दो सहसमन्वयक

- बिल्डिंग जिसमें बूथ हैं उसका प्रमुख

- एक सेक्टर प्रमुख, चार से पांच बिल्डिंग पर सेक्टर बनाया गया है।

- विधानसभा क्षेत्र स्तर पर एक प्रमुख

- विधानसभा क्षेत्र स्तर पर दो से तीन सहसमन्वयक 

Edited By: Tanu Gupta