आगरा : यदि सब कुछ सही रहा तो शीघ्र ही जिले के कई उद्योगों को टीटीजेड में राहत मिल सकती है। प्रदूषण के आधार पर उद्योगों को वर्गीकृत करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। यह प्रदूषण फैलाने एवं नहीं फैलाने वाले उद्योगों की सूची तैयार करेगी। इसके आधार पर ही रेड और ओरेंज श्रेणी से उद्योगों को बाहर किया जाएगा।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। समिति यह भी देखेगी कि तदर्थ रोक का आदेश कौन-कौन से उद्योगों से हटाया जा सकता है। समिति यह सूची 31 अक्टूबर तक पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को सौंपेगी। इसके बाद मंत्रालय इस पर निर्णय लेगा। यह होगी समिति

सदस्य सचिव केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समिति के अध्यक्ष होंगे। इसके अलावा सदस्य के रूप में डॉ. मनोरंजन होटा, पूर्व सलाहकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, टीटीजेड क्षेत्र में आने वाले विभिन्न जिलों के उद्योग विभाग के उपायुक्त, उत्तरप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, टीटीजेड अथॉरिटी के समन्वयक

11 अप्रैल की बैठक में हुआ था निर्णय

टीटीजेड के मुद्दों के संबंध में 11 अप्रैल वर्ष 2018 को बैठक हुई थी। इसमें निर्णय लिया गया कि जो उद्योग प्रदूषण नहीं फैलाते हैं, उन्हें चिन्हित कर तदर्थ रोक हटाई जाएगी। तदर्थ रोक आठ सितंबर वर्ष 2016 को लगाई गई थी। इस रोक के चलते व्हाईट श्रेणी की इंडस्ट्री को छोड़कर कोई अन्य इंडस्ट्री न तो लगाई जा सकती है और न ही विस्तार किया जा सकता है। - प्रदूषण फैलाने वाले एवं नहीं फैलाने वाले उद्योगों की सूची होगी तैयार

- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित विजन डॉक्यूमेंट के अनुसार स्थिति

175 रेड श्रेणी में

235 ऑरेंज श्रेणी में

98 ग्रीन श्रेणी में

49 का वर्गीकरण ही नहीं

00 व्हाईट श्रेणी में

Posted By: Jagran