आगरा, जागरण संवाददाता। नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर शहरवासियों ने उन्हें नमन किया। शहरभर में आयोजित कार्यक्रमों में उनके द्वारा स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में अमूल्य योगदान और बलिदान को याद कर उनके द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलने का प्रण लिया गया।

संस्थान संगम द्वारा आनलाइन कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान स्वतंत्रता सेनानी सरोज गौरिहार ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने सबसे पहले अस्थायी सरकार बनाते हुए जय हिद का नारा दिया और दिल्ली चलो की आवाज लगाई। 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा' का आह्वान के साथ उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी। मुख्य अतिथि राज बहादुर सिंह राज और विशिष्ट अतिथि प्रेम सिंह राजावत रहे। कन्हैया लाल आदाब, सुशील सरित, रामेश्वर शर्मा, हरिमोहन कोठिया, दीपक जैन, डा. रमेश आनंद, विनय बंसल, रामनिवास तिवारी, डा. यशोयश, अतुल त्रिपाठी, संजय गुप्त, डा. अरविद श्रीवास्तव, डा. रेखा कक्कड़, डा. मृणाल आदि ने काव्य पाठ किया। स्वागताध्यक्ष डा. शशि गोयल रहीं। धन्यवाद ज्ञापन डा. राजेंद्र मिलन ने दिया और संचालन अशोक अश्रु ने किया। प्रस्तोता गीतकार परमानंद रहे। लंगड़े की चौकी स्थित गायत्री परिवार के जनपदीय कार्यालय में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए। विजय बंसल ने कहा कि भारत को आजादी दिलाने के लिए सुभाषचंद्र बोस ने युवाओं में साहस और जोश का संचार किया। दिल्ली गेट स्थित समर्पण ब्लड बैंक पर गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। गायत्री परिवार जिला आगरा के समन्वयक सुरेशचंद्र सक्सेना, युवा प्रकोष्ठ आगरा के संयोजक गोपाल गिरधर कुशवाह, प्रशांत बाबू, उमेश कुशवाह, राज चौहान, देव अरोड़ा, सुंदर सिंह, प्रियंका वर्मा, सौरभ जौहरी मौजूद रहे। नेताजी ने देश के बाहर उठाई थी स्वतंत्रता को आवाज

नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर स्पोर्टिंग एंजल्स स्कूल, दशरथ कुंज में समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सुधीर शर्मा ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी सुभाषचंद्र बोस का योगदान अमृत के समान है। विशिष्ट अतिथि डा. असीम आनंद, सुशील सरित ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में सुभाषचंद्र बोस पर आधारित वीडियो फिल्म को रिलीज किया गया। वीडियो फिल्म में गीत-संगीत व स्वर के लिए पूजा तोमर व रितेश शर्मा को स्कूल की प्रधानाचार्य सुदेश दहिया व निदेशक नरेश दहिया ने सम्मानित किया। सूना रहा प्रतिमा स्थल

माल रोड पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा लगी हुई है। उनकी जयंती पर यहां श्रद्धा-सुमन अर्पित करने को राजनीतिक दलों का कोई प्रतिनिधि या जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा। सुभाषचंद्र बोस ने वर्ष 1940 में आगरा के मोतीगंज स्थित चुंगी मैदान में युवाओं में आजादी के लिए जोश भरा था। नेताजी यहां खातीपाड़ा में कुछ दिन तक रुके भी थे।

Edited By: Jagran