आगरा, जागरण संवाददाता। विश्वदाय स्मारक ताजमहल की उत्तर-पश्चिमी मीनार का संरक्षण किया जाएगा। समय की मार सहते- सहते खराब हुए मीनार के अंदर के लाल बलुई पत्थरों के रेड सैंड स्टोन को बदला जाएगा। इसकी अनुमति मिल गई है। बजट मिलने पर यह काम शुरू किया जाएगा।

ताजमहल में मुख्य मकबरे के चारों कोनों पर मीनारें बनी हुई हैं। प्रत्येक मीनार 43 मीटर ऊंची है। यह मीनार तीन दशक पूर्व ही पर्यटकों के लिए बंद की जा चुकी हैं। मीनार तो बंद हैं, लेकिन समय के साथ उसमें अंदर की तरफ लगे रेड सैंड स्टोन खराब हो रहे हैं। उत्तर-पूर्वी मीनार के पत्थरों को पूर्व में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) द्वारा बदला जा चुका है। अब एएसआइ द्वारा उत्तर-पश्चिमी मीनार के संरक्षण की योजना तैयार की गई है। इसमें मीनार के अंदर बनीं सीढ़ियों के खराब हुए पत्थरों को बदला जाना है। दरअसल, मीनारों में बारिश का पानी सीढ़ियों से होता हुआ ऊपर से नीचे तक आता है, जिससे पत्थरों पर प्रभाव पड़ा है। अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि एएसआइ मुख्यालय से संरक्षण कार्य की अनुमति मिल गई है। शीघ्र ही यहां संरक्षण का काम शुरू किया जाएगा।

2013-14 में हुआ था उत्तर-पूर्वी मीनार का संरक्षण

एएसआइ द्वारा वर्ष 2013-14 में उत्तर-पूर्वी मीनार का संरक्षण कराया गया था। तब मीनार की भीतरी दीवार के खराब हुए रेड सैंड स्टोन को बदला गया था। बाहर की दीवार से निकले बॉर्डर के काले संगमरमर के पत्थरों को लगाया गया था।

Posted By: Prateek Gupta

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