आगरा, जागरण संवाददाता। जीएसटी से संबंधित पर्यटन कारोबार की समस्याओं का पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने संज्ञान लिया है। दैनिक जागरण द्वारा विगत माह आयोजित विचार मंच में पर्यटन मंत्री के समक्ष पर्यटन कारोबारियों ने हाेटलों के एक हजार रुपये तक के कमरों पर जीएसटी लगाने और हस्तशिल्प कारोबार के प्रभावित होने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद मंत्री ने पर्यटन विभाग को मामले को देखने के निर्देश दिए हैं।

दैनिक जागरण के इंडस्ट्रियल एस्टेट स्थित कार्यालय में 22 जुलाई को विचार मंच का आयोजन हुआ था। इसमें पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री के समक्ष पर्यटन कारोबारियों ने होटलों के एक हजार रुपये तक के किराये वाले कमरों पर लागू की गई 12 प्रतिशत जीएसटी का विरोध जताया था। 2500 रुपये तक के कमरों को जीएसटी से मुक्त करने की मांग उठाई थी। जीएसटी का विरोध जताते हुए ज्ञापन सौंपे गए थे। हस्तशिल्प कारोबार से जुड़े एंपोरियम संचालकों ने जीएसटी की वजह से हस्तशिल्प कारोबार के प्रभावित होने की बात उठाई थी। जीएसटी लागू होने से पूर्व हस्तशिल्प पर किसी तरह का कर नहीं था। जीएसटी लागू होने के बाद हस्तशिल्प को 12 प्रतिशत कर के दायरे में रख दिया गया। इससे हस्तशिल्प उत्पाद महंगे हो गए। वहीं, विदेशी पर्यटकों को हस्तशिल्प उत्पादों की खरीद पर चुकाया गया जीएसटी रिफंड भी नहीं होता है। पर्यटन कारोबारियों की जीएसटी से जुड़ी समस्याओं का संज्ञान लेते हुए पर्यटन मंत्री ने पर्यटन विभाग को निर्देश जारी किए हैं। अब विभाग इस मुद्दे को आयुक्त वाणिज्य कर के माध्यम से जीएसटी काउंसिल तक पहुंचाने पर विचार कर रहा है। 

Edited By: Tanu Gupta