आगरा,जागरण संवाददाता। सिकंदरा के रुनकता गांव से तीन किशोर शनिवार को यमुना में नहाने की कहकर घर से निकले थे। इसके बाद वापस नहीं आए। रविवार सुबह दो किशोरों के शव यमुना से ग्रामीणों ने निकाल लिए। तीसरे का शव दोपहर में पीएसी के गोताखोरों ने निकाला। गांव में तीन किशोरों की मौत के बाद कोहराम मच गया।

रुनकता निवासी दीपक, बंटी और पंकज तीनों शनिवार सुबह नौ बजे घरों से यमुना में नहाने के लिए निकले थे। तीनों की उम्र 14 वर्ष थी। वे शाम तक नहीं लौटे। स्वजन ने तीनों की यमुना किनारे तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद स्वजन ने शनिवार शाम को पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने किशोरों के फोटो लेकर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और ढाबों पर तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। रविवार सुबह तीनों किशोरों के कपड़े और चप्पलें यमुना किनारे रखी मिलीं। इसके बाद ग्रामीणों ने आसपास यमुना में बच्चों की तलाश की। सुबह नौ बजे पंकज और बंटी के शव यमुना के रेणुका घाट पर मिल गए। पंकज रुनकता के झोपड़ी मोहल्ला और बंटी खटीक मोहल्ला का रहने वाला है। पीएसी के गोताखोरों ने दीपक की तलाश शुरू कर दी। कई घंटे की तलाश के बाद रेणुका घाट से करीब पांच किमी दूर अकोश घाट पर दीपक का शव भी मिल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण यमुना घाट पर पहुंच गए। शव मिलने के बाद तीनों किशोरों के परिवारों में कोहराम मच गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि तीनों किशोर नहाने के लिए यमुना में कूदे होंगे, तभी डूब गए। यमुना में डूब गया घर का चिराग

पंकज इकलौता बेटा था। उसके पिता सोनू मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। पंकज के दो छोटी बहनें और हैं। यमुना में सोनू के घर का चिराग डूब गया। सोनू और उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।

Edited By: Jagran