आगरा, जागरण संवाददाता। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते वर्ष 2021 में भी पर्यटन कारोबारी विदेशी पर्यटकों की बाट जोहते रहे। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते इंटरनेशनल फ्लाइट स्थगित होने की वजह से पर्यटन कारोबार पूरी तरह भारतीय पर्यटकों पर आश्रित रहा। वहीं, 16 अप्रैल से 15 जून तक 61 दिन काे सभी स्मारकों पर ताला लटका रहा।

कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते आगरा का पर्यटन कारोबार मार्च, 2020 से प्रभावित है। वर्ष 2020 में 17 मार्च से 20 सितंबर तक ताजमहल बंद रहा था। इसके बाद स्मारक खुले जरूर, लेकिन इंटरनेशनल फ्लाइट व टूरिस्ट वीजा सर्विस पर लागू रोक यथावत रही। वर्ष 2021 में 16 अप्रैल से 15 जून तक स्मारक बंद होने से पर्यटन कारोबार पूरी तरह ठप रहा। इसके बाद स्मारक खुले तो भारतीय पर्यटकों के साथ उंगलियों पर गिनने योग्य विदेशी पर्यटक आते रहे। सरकार ने 15 अक्टूबर से चार्टर्ड फ्लाइट व 15 नवंबर से इंटरनेशनल फ्लाइट से आने वाले पर्यटकों को टूरिस्ट वीजा देने की घोषणा जरूर की, लेकिन कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के संक्रमितों की संख्या बढ़ने से इंटरनेशनल फ्लाइट को 31 जनवरी तक बढ़ा दिया गया। इससे पर्यटन कारोबारियों को वर्ष भर विदेशी पर्यटकों की बाट जोहनी पड़ी।

बम की सूचना से मची सनसनी

चार मार्च को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोेन कर ताजमहल में बम रखे होने व बम ब्लास्ट होने की सूचना देकर सनसनी फैला दी। आनन-फानन में ताजमहल से सैलानियों को बाहर कराकर उसके पूर्वी व पश्चिमी गेट बंद करा दिए गए। बाजार भी बंद करा दिए गए। दो घंटे तक स्मारक में सघन तलाशी चली। ताजमहल में कुछ नहीं मिलने पर सुरक्षा बलाें ने राहत की सांस ली। इस मामले में फिरोजाबाद के नारखी में रह रहे आरोपित विमल को पकड़ लिया।

कोरोना काल में आई वीआइपी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 24 फरवरी, 2020 की विजिट के बाद कोरोना काल में आने वाली वीआइपी डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सेन रहीं। 10 अक्टूबर को उन्होंने स्मारक का दीदार किया। उनकी विजिट के चलते स्मारक बंद रहा।

फतेहपुर सीकरी में गिरा छज्जा

फतेहपुर सीकरी में बुलंद दरवाजा के पास स्थित लंगरखाना का छज्जा तीन अक्टूबर को टूटकर गिर गया। इससे दो पर्यटक चुटैल हो गए।

ब्रेल लिपि में स्मारकों पर प्रकाशित हुई किताब

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के आगरा सर्किल ने आगरा के प्रमुख 15 स्मारकों पर ब्रेल लिपि में पुस्तक आगरा के प्रमुख स्मारक का प्रकाशन कराया। यह पुस्तक देश की लाइब्रेरियों के साथ ऐसे संस्थानों को भेजी गई, जहां दृष्टि दिव्यांग अध्ययन करते हैं। इसके साथ ही फतेहपुर सीकरी, सिकंदरा व एत्माद्दौल में बेबी केयर व फीडिंग रूम की सुविधा शुरू की गई। 

Edited By: Prateek Gupta