आगरा, जागरण संवाददाता। कोरोना संक्रमण से बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों का वर्तमान सत्र प्रभावित हो चुका है। स्थिति यह है कि विद्यालय शिक्षकों के लिए तो खुले हुए हैं, लेकिन विद्यार्थियों का आना प्रतिबंधित है। सत्र पूरा होने में भी महज ढाई महीने शेष हैं, नया सत्र भी शुरू होना है। ऐसे में परिषदीय विद्यालयों में बिना परीक्षा लिए विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रोन्नत करने की तैयारी है। शासन स्तर पर मंथन चल रहा है, अधिकारी लिखित आदेश के इंतजार में हैं।

कोरोना वैक्सीन लगने की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन कक्षा आठवीं तक के विद्यालय खुलने के आसार फिलहाल नहीं हैं। खासकर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय, राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालय। इनमें पढ़ने वाले 1.34 लाख विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा भी होना मुश्किल दिख रही है। वैसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों को अनुत्तीर्ण नहीं किया जा सकता। इसलिए ऐसे में इन विद्यार्थियों के प्रोन्नत होने के हालात बनने लगे हैं।

फिलहाल आदेश का इंतजार

जिला बेसिक शिक्षाधिकारी राजीव कुमार यादव ने बताया कि वर्तमान सत्र में महज ढाई महीना ही बचा है। इसलिए अगले सत्र में प्रवेश की रूपरेखा तैयार की जा रही है। ऐसे में मुख्य परीक्षा होंगी या विद्यार्थियों को प्रोन्नत किया जाएगा, इसको लेकर कोई आधिकारिक आदेश फिलहाल नहीं मिला है। निर्देश मिलते ही अमल में लाया जाएगा। निजी स्कूल कराएंगे परीक्षा

वहीं निजी विद्यालय वार्षिक परीक्षा आफलाइन कराने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए मार्च का महीना स्कूलों को मुफीद लग रहा है। लेकिन विकल्प के रूप में आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रोन्नत करने का विकल्प खुला हुआ है।

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