आगरा, जागरण संवाददाता। डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक मित्तल के खिलाफ जांच समिति ने नौ बिंदुओं पर आरोप सही मानते हुए जांच रिपोर्ट सौंप दी है। कुलपति को 15 सितंबर तक अपना जवाब देना है। 20 सितंबर को कुलपति को जांच कमेटी के सामने उपस्थित होना है।

विगत पांच जुलाई को कुलाधिपति ने कुलपति को भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप के आधार पर कार्य विरत कर दिया था। आरोपों की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक राय को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अब तक कई चरणों में कमेटी ने जांच से संबंधित कई दस्तावेज मंगाए हैं। इस बीच कुलपति स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर कमेटी के सामने उपस्थित नहीं हुए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुलपति के साथ-साथ शिकायतकर्ता अधिवक्ता डा. अरूण दीक्षित को भी जांच रिपोर्ट प्रेषित की गई है। कमेटी के सामने उन्हें भी उपस्थित होना है।

नौ बिंदुओं पर सिद्ध हुए आरोप

नीरज गोयल की नियम विरूद्ध नियुक्ति, बीस फीसद सुविधा शुल्क लेना, 103 अतिथि प्रवक्ताओं की नियुक्ति, कोविड 19 प्रोटोकाल का पालन न करना, सर्विस टैक्स प्रकरण, नियम विरूद्ध प्रमोशन, जातिवाद फैलाना, विधि विभाग में घोटाला, नियम विरूद्ध नियुक्ति प्रकरण।

उच्च न्यायालय में होगी पेशी

कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने कुलाधिपति के निर्देश के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस याचिका की सुनवाई 10 सितंबर को है।

Edited By: Prateek Gupta