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मैनपुरी के जिस स्‍कूल में हुआ था छात्रा से दुष्‍कर्म और हत्‍या, एसआइटी जांच रही उसका चप्‍पा-चप्‍पा

मैनपुरी में रात को विद्यालय परिसर पहुंची एसआइटी। करीब एक घंटे तक किया पूरे परिसर का मुआयना। टीम ने जिला अस्पताल पहुंच पोस्टमार्टम पैनल में शामिल डा. निशिता यादव से पूछताछ की थी। उनसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पंचनामा में अंतर को लेकर सवाल किए गए।

By Prateek GuptaEdited By: Published: Tue, 21 Sep 2021 12:08 PM (IST)Updated: Tue, 21 Sep 2021 12:08 PM (IST)
मैनपुरी के जिस स्‍कूल में हुआ था छात्रा से दुष्‍कर्म और हत्‍या, एसआइटी जांच रही उसका चप्‍पा-चप्‍पा
मैनपुरी के सर्किट हाउस में बनया गया एसआइटी का कैंप कार्यालय।

आगरा, जेएनएन। छात्रा दुष्कर्म प्रकरण में एसआइटी सबसे पहले घटना स्थल को समझने में जुटी है। मैनपुरी पहुंचने के बाद पूरी एसआइटी ने लगातार दो दिन तक की विद्यालय की पड़ताल की थी। सोमवार को एडीजी भानु भाष्कर और आइजी मोहित अग्रवाल के कानपुर जाने के बाद शेष टीम जांच को आगे बढ़ाने में जुटी है। पूछताछ के बाद सोमवार रात को टीम के सदस्य फिर विद्यालय पहुंचे और वहां करीब एक घंटे तक मुआइना किया।

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छात्रा दुष्कर्म प्रकरण में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद गठित एसआइटी तेजी से काम कर रही है। सोमवार को टीम के सदस्यों ने जिला अस्पताल पहुंच पोस्टमार्टम पैनल में शामिल डा. निशिता यादव से पूछताछ की गई। उनसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पंचनामा में अंतर को लेकर सवाल किए गए थे। वहीं शाम को शहर स्थित कैंप कार्यालय में टीम ने मामले की आरोपित तत्कालीन प्रधानाचार्य सुषमा सागर से पूछताछ की। इसके बाद रात करीब 11 बजे एसआइटी के कुछ सदस्य विद्यालय पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक सदस्यों ने घटना स्थल, छात्रावास की स्थिति का जायजा लिया। इससे पहले टीम ने दो दिन दोपहर में विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया था। सूत्रों का कहना है कि प्रधानाचार्य को आज भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। वहीं दूसरी आरोपित तत्कालीन वार्डन विश्रुति सिंह से भी आज पूछताछ संभावित है। माना जा रहा है कि एसआइटी फिलहाल हत्या या आत्महत्या को लेकर अपना लाइन क्लीयर करना चाहती है। ऐसे में सबसे पहले इसी एंगल पर पूछताछ और जांच की जा रही है। मामले में स्वजन द्वारा घटना के बाद दर्ज कराए गए मुकदमे में दुष्कर्म और अन्य धाराओं के साथ हत्या की धारा भी शामिल थी। परंतु दिसंबर 2019 में गठित एसआइटी ने शुरुआती जांच के बाद हत्या की धारा को मुकदमे से हटा दिया था।


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