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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Petrol Diesel Price Agra: आगरा में 28 दिन में 21 बार बढ़ गया पेट्रोल-डीजल का दाम, अब तो बस करो सरकार

By Prateek GuptaEdited By:
Published: Thu, 28 Oct 2021 01:31 PM (GMT+05:30)

आगरा में बीते 28 दिन में 6.22 रुपये महंगा हुआ पेट्रोल और 6.89 रुपये बढ़े डीजल के दाम। ट्रांसपोर्टर्स ने ...और पढ़ें

पेट्रोल और डीजल पर गुरुवार को फिर दाम बढ़ गए हैं।
पेट्रोल और डीजल पर गुरुवार को फिर दाम बढ़ गए हैं।

आगरा, जागरण संवाददाता। डीजल और पेट्रोल के मूल्यों में अक्टूबर में ही जबरदस्त इजाफा हुआ है। 28 दिन में 21 बार दोनों के दाम बढ़े हैं, जिससे पेट्रोल के दामों में 6.22 और डीजल के दामो में 6.89 रुपए का इजाफा हुआ है। डीजल के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्ट कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है तो पेट्रोल के दामों ने आम आदमी की बचत को प्रभावित किया है। पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से अब आम आदमी कराहने लगा है, उसके मुंह से एक ही बात निकल रही है कि अब तो बस करो सरकार। दीपावली का त्‍योहार नजदीक है। सरकारी कर्मचारियों को बेशक महंगाई भत्‍ता मिल गया, लेकिन उनसे कई गुना ज्‍यादा आदमी निजी क्षेत्र में नौकरी कर रहा है। उसमें तनख्‍वाहें नहीं बढ़ रही हैं, जिस हिसाब से पेट्रो उत्‍पाद और रसाेई गैस महंगे हो गए। आम आदमी मोटरसाइकिल में या तो पेट्रोल भरा ले या फिर त्‍योहार मना ले।

पेट्रोल के दाम सैकड़ा पार कर गए हैं, जिससे हाहाकार मच रही है, जबकि डीजल के मूल्य सैकड़ा पार करने की कतार में हैं। पेट्रोल के दाम बढ़ने से दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। निजी कंपनियों में काम करने वाले और छात्रों ने अपने खर्च घटाना शुरू कर दिया है। डीजल मूल्य वृद्धि सिंचाई से लेकर ट्रांसपोर्ट कारोबार को प्रभावित कर रही है। बिचपुरी के किसान हरीओम का कहना है कि डीजल के मूल्यों में इजाफा होने से सिंचाई का काम प्रभावित हो रहा है। किसानों के लिए डीजल मूल्यों पर अलग से सब्सिडी की व्यवस्था होनी चाहिए। आगरा गुड्स कैरियर एसोसिएशन के संरक्षक दीपक शर्मा का कहना है कि ट्रांसपोर्ट कारोबार पहले से ही मंदी की मार झेल रहा है। डीजल के मूल्यों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। उप्र मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अंचल प्रभारी अशोक बंसल का कहना है कि ट्रांसफर कारोबार पहले से ही मंदी की मार झेल रहा था अगर राहत नहीं दी गई तो व्यापार प्रभावित हो जाएगा।

जूता फैक्‍ट्री में कारीगर संतोष का कहना है कि उसकी तनख्‍वाह साढ़े छह हजार रुपये महीना है। मोटरसाइकिल किश्‍तों पर खरीदी थी। लोन अभी चुका नहीं पाया कि अब लगने लगा है कि मोटरसाइकिल बेच ही दूं। इसी तरह कपड़ा शोरूम में कार्यरत विनीत का वेतन 4500 रुपये महीना है। एक हजार रुपये का रसाेई गैस सिलिंडर 21 दिन चल रहा है। डेढ़ हजार रुपये कमरे का किराया जाता है। गृहस्‍थी चलाना मुश्किल हो गया है। इधर शोरूम मालिक वेतन बढ़ाने को तैयार नहीं, वे बाजार की मंदी का हवाला दे रहे हैं।

एक अक्टूबर के मूल्य

पेट्रोल- 98.72 रुपये प्रति लीटर

डीजल- 90.31 रुपये प्रति लीटर

28 अक्टूबर के मूल्य

पेट्रोल- 104.94 रुपये प्रति लीटर

डीजल- 97.20 रुपये प्रति लीटर

आगरा में खपत प्रतिदिन

- 4.5 लाख लीटर डीजल

- 2.25 लाख लीटर पेट्रोल