आगरा, जागरण संवाददाता। यमुना एक्सप्रेस वे पर 29 यात्रियों की मौत ने हर किसी को हिला दिया है। केंद्र सरकार के आदेश पर सभी एक्सप्रेस वे और नेशनल हाईवे की संरक्षा में कमियां तलाशी जा रही हैं। ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके। प्रदेश में पहली बार इसका तोड़ खोजने के लिए इंजीनियरों की टीम लगाई गई है। ट्रेवलिंग वर्कशॉप में जो भी कमियां मिलेंगी, उन्हें दूर करते हुए संरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।

प्रदेश में आगरा इकलौता जिला है। यहां से दो एक्सप्रेस वे यमुना और लखनऊ होकर गुजरे हैं। आठ जुलाई को यमुना एक्सप्रेस वे पर तेज रफ्तार बस झरना नाले में गिर गई थी। इससे 29 यात्रियों की मौत हो गई थी। यह देखते हुए लोक निर्माण विभाग आगरा परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता सत्य प्रकाश, अधीक्षण अभियंता योगेश पवार, पीके जैन, परवेज अहमद, आइआइटी दिल्ली के प्रो. दिनेश मोहन सहित अन्य की टीम गठित की गई है। शनिवार को टीम ने दिल्ली से निरीक्षण शुरू किया।

यमुना एक्सप्रेस वे पर टीम ने आधा दर्जन से अधिक स्थलों का परीक्षण किया। चार पेज की चेक लिस्ट से इसका मिलान किया गया। कमियां मिलीं। फिर टीम आगरा पहुंची। टीम के वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि ट्रेवलिंग वर्कशॉप 20 से 25 जुलाई तक होगी। यह दिल्ली, आगरा, कानपुर, वाराणसी से होते हुए लखनऊ पहुंचेगी।

इस दौरान टीम लखनऊ एक्सप्रेस-वे , नेशनल हाईवे-19 सहित अन्य का निरीक्षण करेगी। इन रोड पर संरक्षा के इंतजामों को चेक किया जाएगा। इन्हें बेहतर कैसे किया जा सकता है, इसकी रिपोर्ट बनाई जाएगी।

 

Posted By: Tanu Gupta

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