आगरा, जागरण संवाददाता। बैंक या पोस्ट ऑफिस से नकदी निकालना कर अपना काम करना आम बात है, लेकिन अब ऐसा कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। क्योंकि एक साल में 20 लाख या अधिक रुपये बैंक से निकालने पर दो फीसद टीडीएस कटाना पड़ेगा। यह नियम उन पर लागू होगा, जिन्होंने पिछले तीन वर्ष में आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

सीए प्रार्थना जालान ने बताया कि कोई व्यक्ति अपने एक या एक से अधिक बैंक खातों से एक वित्त वर्ष में एक करोड़ रुपये या उससे अधिक नकदी निकालेगा तो बैंक दो फीसद टीडीएस काटेगा। यह नियम डिजिटल लेन-देन के लिए प्रेरित करने को उद्देश्य से लागू किया गया है, जो एक जुलाई से लागू हो गया है। आयकर विभाग ने बैंक को इससे जुड़ा सॉफ्टवेयर भी उपलब्ध करा दिया है, जिसमें पैन नंबर डालते ही पता चल जाएगा कि कि व्यक्ति का कितना डीटीएस काटना है। अब हर निकासी पर तीसरी नजर का पहरा रहेगा।  

यह है नियम

इसमें नियम है कि 20 लाख से एक करोड़ रुपये तक नकदी बैंक या डाकघर से निकाली, तो उसकी जांच होगी। यदि आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है तो दो फीसद टीडीएस की कटौती होगी। आयकर विभाग जांच कर सकता है कि इतनी राशि खाते में कैसे आई।

पांच फीसद तक कटेगा टीडीएस

एक करोड़ से अधिक नकदी निकासी पर पांच फीसद टीडीएस कटेगा। जबकि नियम पहले से है कि किसी व्यक्ति पर के पास पैन नंबर नहीं है, तो टीडीएस काटने की दर 20 फीसद होगी।

ये है टीडीएस

आय से टैक्स काटकर किसी व्यक्ति को बाकी रकम दी जाए, तो टैक्स के रूप में काटी गई रकम टीडीएस कहलाती है। सरकार टीडीएस से टैक्स जुटाती है। यह वेतन, निवेश पर मिले ब्याज या कमीशन आदि स्रोतों पर काटाता है। 

Posted By: Tanu Gupta

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