आगरा, जागरण टीम। उत्तर प्रदेश में ठगी की वारदात को अंजाम देने के बाद अन्य प्रदेशों में संपत्ति खरीदने वाले टटलुओं की कुंडली खंगाली जा रही है। पुलिस अब टटलू (ठगों) की अन्य प्रदेशों में करोड़ों की चल-अचल संपत्ति जब्त करने के प्रयास कर रही है। इसके लिए हरियाणा राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों से इनकी संपत्ति का ब्योरा मंगाया जा रहा है। राजस्व विभाग इनकी संपत्ति की खोजबीन कर आकलन करने में जुटा है।

टटलुओं का ये है इलाका

टटलू ने लोगों को ठगने को नए नए तरीका निकाला है। पहले सस्ते सोने का लालच दिखाकर ग्राहक को अपने जाल में फंसाने वाले टटलू अब सीधे जस्ट डायल और ओएलएक्स पर ग्राहकों को फंसाकर मथुरा बुला लेते हैं। ठगी में असफल होने पर लूटमार की घटना को अंजाम देते हैं। ग्राहक को विशंभरा, हाथिया या देवसेरस के जंगलों में बुलाकर हथियारों के बल पर उनको लूट लेते हैं। जेनरेटर, लिफ्ट तथा इमारत बनाने के बहाने आर्किटेक्ट भी टटलुओं के निशाने पर हैं।

पुलिस से पहले बदलते पैंतरा

तमाम अधिकारी, राजनेता भी इनका शिकार हो चुके हैं। इनकी कारगुजारी देख पुलिस भी इन्हें पकड़ने को पैंतरा बदलती रहती है। जब तक पुलिस इनकी चाल को समझ कर पकड़ने की योजना बनाए ये टटलू नया तरीका अपना लेते हैं। फिलहाल टटलुओं ने जस्ट डायल और ओएलएक्स के ग्राहकों को निशाना बना रखा है।

गोवर्धन पुलिस ने ऐसे 14 शातिरों की कुंडली तैयार कर गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। इनकी करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त करने को राजस्व विभाग संपत्ति का आकलन कर रहा है। देवसेरस में दो और हाथिया में गैंगस्टर की संपत्ति जब्ती की कार्रवाई को पुलिस प्रशासन अंजाम दे चुका है।

सीओ गौरव त्रिपाठी ने बताया कि गैंगस्टर पर लगातार कार्रवाई चल रही है। गलत तरीके से कमाई गई संपत्ति को जब्त कर इन पर शिकंजा कसा जा रहा है। अन्य प्रदेशों में इनकी संपत्ति होने की सूचना मिली है। उनका रिकार्ड निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

कौन हैं टटलू

टटलू सोने के नाम पर पीतल देकर ठगी करते हैं। ई-मार्केट के माध्यम से ग्राहकों को अपने चंगुल में फंसाते हैं। अगर कोई ग्राहक चालाकी दिखाता है या ठगने की आशंका पर चंगुल से छूटने की कोशिश करता है, तो टटलू हथियारों के बल पर मारपीट कर लूटमार करते हैं। पैसा कम निकलने के अभाव में ये शातिर अपहरण कर स्वजन से फिरौती वसूलते हैं।

Edited By: Prateek Gupta