जागरण टीम, आगरा। कागारौल के बैमन गांव के रहने वाले ताराचंद चाहर ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर ताजनगरी का नाम रोशन किया है। 12 जून को उन्होंने देहरादून में लेफ्टिनेंट पद की शपथ ली। 12वीं तक की शिक्षा रोझौली के अतर सिंह इंटर कालेज से करने के बाद वे सेना में सिपाही पद पर भर्ती हुए थे। चार साल के अथक प्रयास के बाद उन्होंने परीक्षा पास की। 12 जून को लेफ्टिनेंट बनने के बाद इसकी जानकारी उन्होंने स्वजन को दी तो उनके चेहरे खिल गए। उनके पिता ताराचंद सेना में कैप्टन पद से रिटायर्ड हो चुके हैं। वे गांव में रहकर खेती करते हैं। ताराचंद चार भाइयों व दो बहनों में दूसरे नंबर के हैं। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। बड़े भाई रवि प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर हैं, जबकि दोनों छोटे भाई पढ़ रहे हैं। ताराचंद ने बताया कि उनकी सफलता का श्रेय माता-पिता को है। गांव के दीपक चाहर, धीरेंद्र प्रधान, जवाहर सिंह, रामबाबू चाहर, अजीत चाहर, देवकीनंदन, मूलचन्द चाहर, रंधीर सिंह, शिवचरण, रूमाल सिंह, कुलदीप सिंह, हवलदार विजयसिंह, सचिन चाहर, केशरिया पहलवान आदि ने स्वजन को बधाई दी। फतेहाबाद के इम्मू खां ने मायानगरी में बनाई पहचान

जागरण टीम, आगरा। छोट-छोटे गांव और कस्बे के लोग भी कड़ी, मेहनत, लगन और हौसले से बड़ा मुकाम हासिल कर सकते हैं। वे भी सपने देखकर उन्हें साकार कर सकते हैं।

ऐसा कर दिखाया फतेहाबाद के इम्मू खां ने उन्होंने छोटे से कस्बे से निकल कर अपने दम पर माया नगरी मुंबई में टीवी सीरियल में अपनी अलग पहचान बनाई है। वे इन दिनों कई सीरियल में काम कर रहे हैं। कस्बा आए इम्मू खां ने बताया कि वे इन दिनों कलर्स चैनल पर आने वाले 'ससुराल सिमर का' सीरियल में बतौर फोटोग्राफर काम कर रहे हैं। इसी चैनल पर प्रसारित होने वाले सीरियल 'शक्ति' में निगेटिव किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि माडलिग से करियर शुरू किया था। कहा कि अगर हम अपने सपनों को पूरा करने के लिए संर्घष करते हैं तो एक दिन हमें कामयाबी भी जरूर मिलती है।

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