आगरा, जागरण संवाददाता । कोरोना काल में संकट से जूझ रहे पर्यटन कारोबारियों के साथ ही ताजमहल को भी जोर का झटका लगा है। स्मारक के दो बार बंद रहने व इंटरनेशनल फ्लाइट स्थगित होने से विदेशी पर्यटकों का आना संभव नहीं हो सका और ताजमहल की कमाई घट गई। वित्तीय वर्ष 2019-20 में टिकट बिक्री से ताजमहल को 106.8 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी, जो वित्तीय वर्ष 2020-21 में घटकर 11.2 करोड़ रुपये रह गई। ताजमहल की आय में 95.5 करोड़ रुपये की कमी आई है।

संस्कृति मंत्रालय द्वारा संसद में सोमवार को ताजमहल की टिकट बिक्री से हुई आय की जानकारी दी गई। मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार कोरोना काल में टिकट बिक्री से होने वाली ताजमहल की आय में भारी कमी आई है। कोरोना काल में ताजमहल पिछले वर्ष 17 मार्च से 20 सितंबर तक 188 दिन और इस वर्ष 16 अप्रैल से 15 जून तक 61 दिन बंद रहा था। 31 जनवरी तक केंद्र सरकार ने इंटरनेशनल फ्लाइट को स्थगित कर रखा है, जिससे अभी विदेशी पर्यटकों का आना संभव नहीं है। लगातार दूसरे वर्ष पर्यटन सीजन खराब हो चुका है। ताजमहल पर विदेशी पर्यटकों की टिकट 1100 रुपये और भारतीयों की 50 रुपये की है। मुख्य मकबरे पर जाने वाले सभी पर्यटकों को 200 रुपये का अतिरिक्त टिकट लेना होता है। आगरा में अक्टूबर से मार्च तक पर्यटन सीजन रहता है। सीजन का पीक समय होने के बावजूद कोई काम नहीं है। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग खाली बैठे हैं। इंटरनेशनल फ्लाइट को स्थगित किए जाने से अभी काम मिलने के आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं।

-राकेश चौहान, अध्यक्ष होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन इंटरनेशनल फ्लाइट को निरंतर स्थगित किए जाने से आगरा का पर्यटन कारोबार संकट के दौर से गुजर रहा है। जब तक इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू नहीं होंगी, इस स्थिति से कारोबार नहीं उबर सकेगा। ओमिक्रोन की दहशत ने भारतीय पर्यटन को भी प्रभावित किया है।

-राजेश शर्मा, सचिव टूरिज्म गिल्ड आफ आगरा

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