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ताजमहल पर बंदरों का आतंक, पर्यटकों को बना रहे निशाना; कागजों से बाहर नहीं आ सके उपाय

By Nirlosh Kumar Edited By: Prateek Gupta
Published: Wed, 14 Oct 2026 08:07 AM (IST)

ताजमहल पर बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे पर्यटक भयभीत हैं और कई घटनाओं में उन्हें काटा गया ...और पढ़ें

ताजमहल के बाहर में बैठे बंदर।

ताजमहल के बाहर में बैठे बंदर।

जागरण संवाददाता, आगरा। ताजमहल और उसके आसपास बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बंदरों द्वारा 23 सितंबर से 11 अक्टूबर तक 10 से अधिक पर्यटकों को ताजमहल के अंदर और बाहर काटे जाने की घटनाएं हो चुकी हैं। बंदर पर्यटकों को काटने के साथ ही उनसे सामान छीनकर ले जाते हैं। बच्चों के साथ बड़े भी बंदरों के आतंक से भयभीत हैं, लेकिन बंदरों को भगाने और पकड़ने के उपाय कागजों से बाहर नहीं आ सके हैं।

ताजमहल पर वर्ष 2023 में जुलाई से सितंबर तक बंदरों का आतंक काफी बढ़ गया था। 20 से अधिक पर्यटकों को बंदरों द्वारा काटे जाने की घटनाएं सामने आई थीं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने तब ताजमहल में ऐसी जगहों पर फेंसिंग कराई थी, जहां से बंदर प्रवेश करते थे। पर्यटकों की सुरक्षा को ताज सुरक्षा पुलिस ने एंटी मंकी टास्क फोर्स बनाई थी।

स्मारक की 500 मीटर की परिधि में प्रमुख मार्गों और बैरियर पर अलट्रासोनिक मशीनें लगाने की योजना भी बनाई गई थी। मंकी रिपेलर मशीनों से निकलने वाली ध्वनि तरंगों का असर बंदरों पर पड़ता है और वह मशीन की रेंज में नहीं आते हैं। मशीन की रेंज करीब 325 वर्ग मीटर क्षेत्र तक थी। रिवाल्विंग फंड से 11 मशीनें खरीदने की योजना थी, लेकिन यह योजना फाइलों से आगे नहीं बढ़ सकी।

पुलिस ने यहां लगाए गए स्मार्ट पोल से बंदरों को भगाने के लिए ध्वनि तरंगें बजाई थीं। बाद में यह बंद हो गया। ताजमहल और उसके आसपास के क्षेत्र में बंदरों का आतंक अधिक होने से पर्यटकों के साथ ही दुकानदार भी परेशान हैं। बंदर उनकी दुकान से सामान उठाकर ले जाते हैं। उधर, पर्यटकों को सुखद माहौल उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार विभाग कोई कदम नहीं उठा रहे।

पर्यटकों को बंदर द्वारा काटने की घटनाएं

26 जुलाई: दक्षिण कोरिया की पर्यटक किम मेह को पूर्वी गेट के पास बंदर ने हाथ में काटा।
12 अगस्त: केरल से आए मोहम्मद अली को बंदर ने काटा।
30 अगस्त: हरियाणा से आए छह वर्षीय अयांश को मेहमानखाना के पास बंदर ने काटा।
3 सितंबर: दिल्ली की दीपिका गोयल और एक अन्य पर्यटक को काटा।
16 सितंबर: ब्रिटिश पर्यटक सुजैन एन. बरेट को बंदर ने शाहजहां गार्डन से आते समय काटा।
23 सितंबर: ब्राजील के पर्यटक एंथनी पेन और बंगाल के मेदिनीपुर से आए पर्यटक नितई बेरा को काटा।
11 अक्टूबर: अमेरिका की पर्यटक कासिक शैनन जाय और आंध प्रदेश के सैयद ख्वाजा को काटा।

वन विभाग ने बताया है कि बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। विभाग नगर निगम को कई पत्र भेज चुका है, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। विभाग बंदर नहीं पकड़ सकता है।
-डा. स्मिथा एस. कुमार, अधीक्षण पुरातत्वविद आगरा सर्किल

बंदरों को नगर क्षेत्र में पकड़ने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन वाद में दाखिल एसओपी में भी यही बात कही गई है। हम पूरा सहयोग करने को तैयार हैं। बंदरों को छोड़ने के लिए नगर निगम को तीन क्षेत्र भी बताए गए हैं।
-राजेश कुमार, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी

नौ अक्टूबर से पहले नगर निगम द्वारा ताजमहल समेत शहर के अन्य क्षेत्रों में 500 से अधिक बंदरों को पकड़ा गया था। नौ अक्टूबर को हुए शासनादेश के बाद यह जिम्मेदारी वन विभाग की है। नगर निगम अब बंदर नहीं पकड़ रहा।
-डा. अजय कुमार राय, पशु कल्याण अधिकारी नगर निगम