आगरा, जागरण संवाददाता। 'मैं अपनी जिंदगी से हार गई। न कुछ कर पाई न कर पाऊंगी। माफ कर दीजिएगा आप सुमित। सुनिए इनाया का मेरी ख्याल रखिएगा। आपके मम्मी-पापा से भी माफी मांगती हूं। हो सके तो माफ कर देना। शायद मैने देरी कर दी। क्रिशिव के साथ चले जाना चाहिए था। मेरे मरने के बाद मेरा सब कुछ इनाया का। बस ये ही गुजारिश करूंगी डॉक्टर साहब। इनाया का ख्याल रखना और प्लीज इनाया के लिए किसी की बातों में मत आना। पता है जो करने जा रही हूं वह ठीक नहीं। बहुत प्यार करती हूं आपसे, इसलिए अलग होने से भी डरती हूं। इसलिए जान देना ही ठीक रहेगा। कोसी वाले मम्मी-पापा से भी कहना अपना ख्याल रखें। बस आप मेरी इनाया का ख्याल रखना। − हनी'

ये है वो सुसाइड नोट जो डॉ दीप्ति ने खुदकशी की कोशिश करने से पहले अपने पति के लिए छोड़ था। शहर के वरिष्ठ चिकित्सक एससी अग्रवाल की पुत्रवधू डॉ. दीप्ति की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने सोमवार शाम विभव नगर स्थित वैली व्यू अपार्टमेंट के अपने फ्लैट में फांसी लगाकर खुदकुशी की कोशिश की थी। पुलिस और फोरेंसिक टीम को मंगलवार को उनके फ्लैट में सुसाइड नोट मिला है। इसमें उन्होंने किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। डॉ. दीप्ति के पिता और मायके पक्ष के स्वजन सोमवार देर रात कोसी से यहां पहुंच गए। रात तीन बजे दीप्ति को गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया। इंस्पेक्टर ताजगंज नरेंद्र कुमार के मुताबिक स्वजन से जानकारी हुई कि डॉक्टर दीप्ति का इलाज फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पीटल में चल रहा है। उनके पति भी साथ हैं। अन्य स्वजन से अभी विस्तार से बातचीत नहीं हुई है।

खुदकुशी के प्रयास की गुत्थी अनसुलझी

डॉक्टर दीप्ति ने खुदकुशी का प्रयास क्यों किया? यह सवाल अधिकारियों को भी परेशान कर रहा था। सीओ सदर प्रभात कुमार, इंस्पेक्टर ताजगंज पुलिस टीम के साथ मंगलवार शाम वैली व्यू अपार्टमेंट में पहुंचे। डॉक्टर सुमित के फ्लैट नंबर 204 के उस कमरे को खुलवाया जहां घटना हुई थी। पुलिस ने नौकरानी विमला से भी पूछताछ की। कमरे में पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला। पंखे में बंधी चुन्नी को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पलंग से पंखे की ऊंचाई देखी गई। पुलिस को इंस्पेक्टर ताजगंज ने बताया कि कोई तहरीर नहीं मिली है। फिलहाल उनके फ्लैट को सील कर दिया गया है ताकि साक्ष्यों से किसी भी तरह की छेड़छाड़ न की जा सके।

दरवाजा तोडऩे के मिले साक्ष्य

पुलिस को दरवाजे के अंदर की कुंडी में कब्जा फंसा हुआ मिला है। यह डॉ. सुमित ने धक्का देकर तोड़ा था। तभी डॉ. दीप्ति को फंदे से नीचे उतारा। इससे जाहिर हो रहा है कि डॉ. दीप्ति ने खुदकुशी की कोशिश की थी।

सुसाइड नोट में नहीं ठहराया किसी को जिम्मेदार

पुलिस को डॉ. दीप्ति के बेड से एक सुसाइड नोट मिला है। एक पेज पर लिखे 18 लाइन के सुसाइड नोट में उन्होंने न तो किसी को सुसाइड के लिए जिम्मेदार ठहराया और न ही किसी को क्लीनचिट दी। इसमें एक नाम भी लिखा है। इसके बारे में पुलिस स्वजन से जानकारी करेगी।

 

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस