आगरा: मथुरा के बीएसए कार्यालय के बाबुओं और अफसरों द्वारा गलत तरीके से की गई नियुक्तियों का मामला उजागर होने और एसटीएफ द्वारा की गई कार्रवाई का असर आगरा तक हो रहा है। बीएसए कार्यालय के सभी कर्मचारी मथुरा की कार्रवाई पर नजर गढ़ाए हुए हैं। इसी का नतीजा है कि बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने यहां पूर्व में की गई नियुक्तियों की आंतरिक जांच शुरू करा दी है। इससे कई की गर्दन फंस सकती है।

बीएसए कार्यालय में पूर्व में तैनात रहे अफसरों का नाम नियुक्तियों को लेकर सुर्खियों में रहा है। यहां के कई बाबू और पूर्व के अफसरों पर गलत नियुक्तियां करने के आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं। लेकिन अफसरों और बाबुओं का गठजोड़ इतना मजबूत रहा है कि न तो कभी जांच पूरी हुई और न कार्रवाई की नौबत आई। इस खेल में कई साल से कुछ शिक्षक भी शामिल हो गए, क्योंकि उन्होंने भी अपने चहेतों को नियुक्तियां दिलवाईं। अब मथुरा में एसटीएफ की कार्रवाई से यहां के बाबू भी हलकान हैं। उन्हें डर है कि कहीं एसटीएफ को यहां की नियुक्तियों की जांच न सौंप दी जाए। बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि अभी तक उन्हें नियुक्तियों के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। कोई शिकायत मिलेगी तो जांच होगी। फिलहाल हम अपने स्तर से नियुक्तियों के मामलों की आंतरिक जांच करा रहे हैं। कुछ संदिग्ध मिलता है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

ठंडे बस्ते में पड़ी है फर्जी

मा‌र्क्सशीटों की जांच

एसटीएफ ने डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की फर्जी मा‌र्क्सशीटों से प्रदेशभर में शिक्षक की नौकरी प्राप्त करने के मामले की जांच पूर्व में की थी। एसटीएफ की रिपोर्ट को शासन ने बीएसए को प्रेषित किया था। इस रिपोर्ट के आधार पर करीब चार दर्जन संदिग्ध शिक्षक चिन्हित किए गए थे। लेकिन जांच कार्रवाई इससे आगे नहीं बढ़ी। जबकि बहराइच में ऐसे ही मामले में कई शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है।

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