बरहन: एत्मादपुर विकास खंड के ग्राम मुरथर अलीपुर में तेंदुआ के दिखने से ग्रामीण दहशत में हैं। सुबह के बाद दोपहर और रात में भी तेंदुआ गांव में नजर आया। इससे आसपास के गांवों के लोग भी भयभीत हैं। खेतों में खड़ी चरी और बाजरा की फसल में ग्रामीण जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं।

शुक्रवार रात में मुरथर अलीपुर निवासी सुरेश की भैंस को किसी जानवर ने खा लिया था। भैंस की आवाज सुनकर सुरेश वहां पहुंचे तो उन्हें जानवर भागता दिखा। वह समझ नहीं पाए कि कौन सा जानवर है। सुबह भैंस की मौत हो गई। ग्रामीणों ने अपने पालतू पशुओं की सुरक्षा के लिए रात में जागकर पहरेदारी शुरू की। रविवार सुबह 5:30 बजे शौच को जा रहीं महिलाओं को पेड़ पर तेंदुआ दिखाई दिया। तेंदुआ बकरी के बच्चे को खा रहा था। महिलाओं ने शोर मचा दिया। आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर वहां पहुंचे। तेंदुआ बकरी के बच्चे को मुंह में दबाकर चरी के खेतों में भाग गया। ग्रामीण लाठी-डंडा के अलावा हथियार लेकर खेत में गए, लेकिन तेंदुआ नजर नहीं आया। ग्रामीण लौट आए। दोपहर एक बजे आमीन खां की दुकान के पास तेंदुआ देखा गया। वहां से वह बाजरा के खेत में चला गया। अब तक यह सूचना आसपास के गांव तक पहुंच चुकी थी। रात नौ बजे के करीब एक बार फिर तेंदुआ गांव में नजर आया। इसके बाद ग्रामीण एकत्र हो गए। नगला बहादुर, नजरपुर, जगनपुर, कुल्हरिया कुशहालपुर आदि गांवों के ग्रामीणों ने सतर्कता बरतना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने खेत पर जाना बंद कर दिया है। रात में जानवरों की सुरक्षा को ग्रामीण पहरेदारी कर रहे हैं।

मुरथर अलीपुर के नाथू राम ने बताया कि भैंस के साथ हुई घटना के बाद से वह सो नहीं पा रहे हैं। गांव के लोग एकत्रित होकर गश्त करते हैं। रनवीर सिंह का कहना है सभी ने डर की वजह से अकेले खेत पर जाना छोड़ दिया है। रवि कुमार ने बताया कि ग्रामीण एकजुट होकर तेंदुआ की तलाश कर रहे हैं।

Posted By: Jagran

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