आगरा, जागरण संवाददाता। दवा का काला कारोबार फैल रहा है। बड़े स्तर पर घर पर नकली दवाएं तैयार हो रही हैं। इसके लिए सस्ते चाइनीज सॉल्ट का इस्तेमाल हो रहा है, इस सॉल्ट से टेबलेट बनाने और पैकिंग करने की मशीन से दवाएं तैयार कर बाजार में सप्लाई की जा रही हैं।

औषधि विभाग की टीम ने इसी साल जनवरी और उसके बाद जून में नकली दवा की फैक्ट्री चला रहे गिरोह को पकड़ा था। इनके पास से टीम ने टेबलेट बनाने की मशीन, पैकिंग मशीन और सॉल्ट जब्त किया था। यह जांच में फेल हो गया। औषधि विभाग की टीम को नकली दवा का काला धंधा कर रहे गिरोह से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। गिरोह द्वारा इंजेक्शन और टेबलेट तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ये दो से तीन लाख में नकली दवा बनाने का सामान दे रहे हैं। इनके द्वारा शहर और देहात में नकली दवा की फैक्ट्री संचालित की जा रही है। इन दवाओं को झोलाछाप और अपने हॉस्पिटल में मेडिकल स्टोर चलाने वालों को सस्ती दर पर सप्लाई किया जा रहा है। औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि नकली दवा का धंधा करने वाले गिरोह से जुड़ी जानकारी मिली हैं। इनके खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। नकली दवा की फैक्ट्री के पकड़े गए मामले

- इसी साल जनवरी में नकली दवा फैक्ट्री चलाने के आरोप में पकड़े गए हरीबाबू निवासी दीक्षा बांके बिहारी धाम, सिकंदरा

- 5 जून को नकली एमीकासिन इंजेक्शन के साथ पकड़े गए अभिमन्यु चौहान निवासी यमुना बिहार कमला नगर, रामहरि और उसकी पत्‍‌नी शीतल शर्मा निवासी सहदपुर थाना निबोहरा और संतोष शर्मा निवासी तुलसीपुरा खंडेर, फतेहाबाद हाल निवासी राजपुर चुंगी।

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Posted By: Jagran