आगरा, जागरण संवाददाता। आगरा की शूटर सोनिया शर्मा ने सर्बिया में हुई वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट्स ग्रांड प्रिक्स में शानदार प्रदर्शन कर रजत पदक प्राप्त किया है। प्रतियोगिता में हंगरी प्रथम, भारत द्वितीय और फ्रांस तृतीय स्थान पर रहा। 22 सितंबर को मिली इस सफलता से परिवार खासा उत्साहित है क्योंकि सर्पदंश के बाद वह छह महीने तक खेल से दूर हो गई हैं।

रजत पदक जीतकर बढ़ाया देश का मान

कोच व संकल्प शूटिंग अकेडमी के विक्रांत सिंह ने बताया कि 22 सितंबर को हुए मुकाबले में शामिल होने के लिए सोनिया 16 सितंबर को दिल्ली से रवाना हुईं। इसके बाद 22 सितंबर को हुई व्यक्तिगत प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन से रजत पदक जीतकर पूरे देश के साथ सभी का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।

हादसे के बाद था पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला

सोनिया की जीत की खबर से परिवार में खुशी का माहौल है। मां जनक दुलारी, बूआ पूनम शर्मा और बहन आरजू शर्मा ने इस खुशी को पड़ोसियों में मिठाई बांटकर साझा किया। बुआ पूनम शर्मा ने बताया कि यह मुकाबला सोनिया के लिए काफी अहम था क्योंकि बल्लभगढ़ में प्रैक्टिस के दौरान 13 नवंबर 2021 को उन्हें सर्पदंश हुआ था। तब उनकी हालत बहुत बिगड़ गई थी।

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छह महीने बिस्तर पर रहने के बाद उनका ट्रैक पर लौटने को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था। लेकिन उन्होंने सारी आशंकाओं को पीछे छोड़कर यह शानदार सफलता पाई।

वर्ल्ड कप में जीत चुकी हैं गोल्ड

सोनिया अब तक आठ पैरा वर्ल्ड कप (2017), बैंकाक (2017), (2018), साउथ कोरिया (2018), फ्रांस (2018), लिमा पेरू (2021) में प्रतिभाग कर चुकी हैं, यह उनका सातवां वर्ल्ड कप था। वह बैंकाक पैरा वर्ल्ड कप के टीम इवेंट में उन्होंने स्वर्ण पदक जाती था, वहीं 2017 में पैरा नेशनल शूटिंग में भी उन्होंने रजत पदक जीता था। वहीं जीवी मावलंकर प्रतियोगिता 2018 में उन्होंने स्वर्ण व रजत पदक जीता था।

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12 वर्ष की उम्र से शुरू की शूटिंग

सोनिया के पिता ठाकुर दास शर्मा का निधन हो चुका है। कोच विक्रांत सिंह ने बताया कि सोनिया जब 12 वर्ष की थी, तो दयालबाग शूटिंग रेंज पर उनसे मुलाकात हुई। इसके बाद उन्होंने बल्केश्वर स्थित सेंट एंड्रयूज स्कूल में शूटिंग करना शुरू किया। वह पहले राइफल से शूटिंग करती थीं, जन्म से सीधे हाथ में परेशानी होने के कारण कोच विक्रांत ने पिस्टल शूटिंग शुरू कराई। एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम शूटिंग रेंज में प्रैक्टिस की और पीछे मुड़कर नहीं देखा। 

Edited By: Abhishek Saxena