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अागरा, जागरण संवाददाता। अंधेरी जिंदगी में उजाले के लिए एसएन प्रदेश में अव्वल होगा। यहां हर महीने आठ से 10 कॉर्निया ट्रांसप्लांट किए जा रहे हैं। इसे और बढ़ाया जा रहा है, साथ ही आइ बैंक में सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं।

एसएन अस्पताल में वर्ष 2002 से कॉर्निया ट्रांसप्लांट किए जा रहे हैं। इस साल जनवरी से एसएन और समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से नेत्रदान करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मृत्यु के बाद किए जाने वाले नेत्रदान से दो लोगों की जिंदगी में रोशनी लौट आती है। एसएन के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि हर महीने आठ से 10 कॉर्निया ट्रांसप्लांट किए जा रहे हैं। आइ बैंक का जीर्णोद्धार कराया गया है। साथ ही लोगों में जागरूकता भी बढ़ाई जा रही है, जिससे कॉर्निया ट्रांसप्लांट में एसएन अव्वल रहे।

मॉड्यूलर ओटी वाला पहला नेत्र रोग विभाग

एसएन के नेत्र रोग विभाग में मोतिया बिंद के सामान्य ऑपरेशन से लेकर कॉर्निया प्रत्यारोपण किया जा रहा है। ऑपरेशन के बाद संक्रमण ना फैले और रिजल्ट अच्छे आएं। इसके लिए नेत्र रोग विभाग में दो मॉड्यूलर ओटी बनाए गए हैं। यह प्रदेश का एक मात्र मेडिकल कॉलेज होगा, जहां नेत्र रोग विभाग में मॉडयूलर ओटी हैं। यह सेंटर अन्य मेडिकल कॉलेजों के लिए सेंटर फॉर एक्सीलेंस होगा।

 ये है हाल

- 10 कॉर्निया ट्रांसप्लांट इस साल हर महीने

- 50 कॉर्निया ट्रांसप्लांट 2018 में

 

Posted By: Prateek Gupta

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