आगरा, जेएनएन। मैनपुरी छात्रा हत्याकांड का राजफाश करने में जुटी पुलिस अलग-अलग कोणों पर जांच कर रही है। कोई अहम सुराग हासिल होने की जानकारी अब तक सामने नहीं आ पा रही है। वहीं एसआइटी ने सुराग के लिए सर्विलांस का भी सहारा लिया है। सौ मोबाइल नंबर पुलिस के निशाने पर है। इनकी गहनता से पड़ताल शुरू कर दी गई है। सर्विलांस टीम लगातार इन नंबरों की कुंडली बनाने में जुटी हुई है।

किसी भी घटना के राजफाश करने में सर्विलांस की अहम भूमिका होती है, लेकिन इस मामले में सोचा जा रहा था कि सुराग तलाशने के लिए सर्विलांस की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, लेकिन एसआइटी ने सुरागों के लिए सर्विलांस का सहारा लिया है। एसआइटी ने सर्विलांस टीम को सक्रिय कर दिया है। कुछ बाहर के सर्विलांस विशेषज्ञों से भी सहायता ली जा ही है। सूत्रों का दावा हैकि सौ मोबाइल नंबर पुलिस के निशाने पर है। इनकी कॉल डिटेल निकाल ली गई है। डिटेल के आधार पर कुंडली भी तैयार हो रही है, जिससे पता चल सके किस नंबर से कौन से नंबर पर कितनी देर और कब-कब बात हुई। बात रात में हुई या दिन। बातचीत के समय को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जिन लोगों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लिए गए, उनमें से विद्यालय से संबंधित लोगों के साथ ही कुछ छात्रों के परिजनों और रिश्तेदारों के अलावा विद्यालय कर्मचारियों के रिश्तेदार भी शामिल में है। सर्विलांस टीम भी पूरी कार्रवाई गोपनीय ढंग से कर रही है।

विद्यालय के बाहर एसआइटी ने खोजे सबूत

छात्रा की दुष्कर्म और हत्या का मामला अब तक अनसुलझा है। पिछले नौ दिनों तक एसआइटी विद्यालय परिसर में सबूत खोज रही है, लेकिन बुधवार को एसआइटी ने विद्यालय के बाहर सबूतों को जुटाने का प्रयास किया। इसके लिए आसपास के निवासियों के अलावा छात्र-छात्राओं के रिश्तेदारों से संपर्क कर विद्यालय के हालात की जानकारी ली।

बुधवार को एसआइटी ने छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों के रिश्तेदारों की ओर रुख किया। इस दौरान एसआइटी ने विद्यालय के हालातों को लेकर जानकारी जुटाने की कोशिश की। रिश्तेदारों से पूछा गया कि कभी उन्हें विद्यालय के अंदर कुछ आपत्तिजनक घटना सुनने के लिए मिली थी या नहीं। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं ने अपने परिजनों को ऐसी जानकारी दी हो, जो घटना से संबंधित हो। हालांकि, अब तक ऐसा नहीं लग रहा है कि एसआइटी किसी निर्णायक मोड़ पर पहुंच पाई है।

दूसरी ओर घटना के विवेचक इंस्पेक्टर भोगांव पहुप ङ्क्षसह ने बुधवार को भी विद्यालय का रुख किया। दोपहर में उन्होंने दो घंटे विद्यालय में रुककर पूछताछ की। कई दिनों से पूछताछ के बाद अब पुलिस और एसआइटी पर नए सवाल भी नहीं बचे है, जिन पर जांच की जाए। इंस्पेक्टर भोगांव भी बुधवार को जांच के दौरान सामान्य तौर पर कर्मचारियों से बातचीत करते दिखे। अब पुलिस और एसआइटी बाहर की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए है। ये जानने का प्रयास किया जा रहा है कि कोई ऐसा व्यक्ति तो नहीं है जो घटना की जांच की प्रगति पर लगातार नजर बना रही है।

हिरासत में शिक्षक, विद्यालय भेजी वार्डन

पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए लखनऊ भेजे गए शिक्षक व महिला वार्डन मंगलवार आधी रात को पुलिस टीम के साथ वापस लौट आए। लखनऊ से लौटने के बाद शिक्षक को फिर से हिरासत में ले लिया, जबकि महिला वार्डन को विद्यालय भेज दिया गया है। पॉलीग्राफ टेस्ट में क्या सबूत मिले, इसको लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आ पाई है।

छात्रा के साथ दुष्कर्म व हत्या की घटना की जांच कर रही एसआइटी ने तीन छात्रों, एक शिक्षक और महिला वार्डन के पॉलीग्राफ टेस्ट का निर्णय लिया था। तीनों छात्रों का प्री पॉलीग्राफ पहले ही हो चुका है। दूसरा टेस्ट होना बाकी है, लेकिन परीक्षाओं के चलते छात्रों को लखनऊ नहीं ले जाया जा सका है। दूसरी ओर शिक्षक और महिला वार्डन को प्री पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए लखनऊ ले जाया गया था। प्री टेस्ट के लिए अगले टेस्ट के लिए सोमवार को बुलाया गया था, लेकिन किसी वजह से दोनों को पुलिस लखनऊ नहीं ले जा सकी। मंगलवार को पुलिस कस्टडी में लखनऊ ले जाया गया। सूत्रों का दावा है कि दोनों का अगला पॉलीग्राफ टेस्ट हो गया है। आधी रात के बाद पुलिस दोनों को लेकर लखनऊ से वापस लौटी।

अनुमान लगाया जा रहा था कि पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद शिक्षक को छोड़ दिया जाएगा, लेकिन पुलिस ने शिक्षक को फिर से अपनी हिरासत में ले लिया है। वहीं महिला वार्डन को सुरक्षा के बीच सुबह होने पर विद्यालय भेज दिया है। शिक्षक को फिर से हिरासत में लेने पर लोग कयास लगा रहे हैं। हालांकि, एसआइटी गठित होने के दिन से ही शिक्षक पुलिस की हिरासत में है। परीक्षा समाप्त होने के बाद तीनों छात्रों को पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए लखनऊ ले जाया जाएगा।

 

Posted By: Tanu Gupta

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