आगरा, जागरण टीम। श्रीकृष्ण जन्मस्थान मामले में गुरुवार को अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह के वाद पर सिविल जज सीनियर डिवीजन ज्योति सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। याची ने शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी के वाद चलने लायक न होने के तर्क पर अपनी आपत्ति प्रस्तुत की।

दस्तावेज अदालत में दाखिल करते हुए कहा कि ये वाद चलने लायक है। उन्होंने श्री कृष्ण जन्मस्थान से संबंधित दस्तावेज भी अदालत में दाखिल किए। इस पर अपनी आपत्ति दाखिल करने का कमेटी ने समय मांगा। अदालत ने सुनवाई के लिए 11 जुलाई की तारीख तय की।

सुनवाई के बहाने केस लटकाने का प्रयास

श्री कृष्ण जन्मभूमि के पक्षकार अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने अदालत को बताया कि मुस्लिम पक्ष केस मेंटनेबल पर सुनवाई के बहाने केस को लटकाने का प्रयास कर रहा है।

उन्होंने पूर्व में अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री व अन्य द्वारा दायर एक वाद का हवाला भी अदालत में दिया जिसमें जिला जज की अदालत ने रंजना अग्निहोत्री का रिवीजन स्वीकार करते हुए कहा था कि प्लेसेस ऑफ़ वर्शशिप एक्ट और लिमिटेशन एक्ट लागू नहीं होता । साथ ही भक्त को भगवान की प्रॉपर्टी के लिए दावा दायर करने का अधिकार है। फिर भी बार-बार मुस्लिम पक्ष यही दलील दे रहा है कि ये वाद चलने लायक नहीं है।

अदालत के आदेश की कापी दी

याची महेंद्र प्रताप सिंह ने राजस्व अभिलेख और अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री के दावे के रिवीजन में जिला अदालत के आदेश की कापी सिविल कोर्ट और प्रतिवादी शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी और उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को दे दी।

याची का है ये कहना

याची ने कहा कि जल्द से जल्द विवादित स्थल की वास्तविक स्थिति जानने के लिए वहां कोर्ट कमीशन भेजकर रिपोर्ट मंगवाई जाए। सभी दस्तावेज हमारे पक्ष में हैं श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट जमीन का असली मालिक है, भगवान श्री कृष्ण के मूलगर्भ गृह को तोड़कर औरंगजेब द्वारा अवैध रूप से यहां पर ईदगाह का निर्माण कराया गया था। मुस्लिम के पक्ष के पास कोई भी दस्तावेज नहीं हैं। मुगल काल से लेकर अब तक के सभी दस्तावेज यह साबित करते हैं कि यह जमीन हिंदू पक्ष की है ।

अदालत ने 11 जुलाई की तारीख दी

शाही ईदगाह कमेटी के सचिव तनवीर अहमद ने कहा के हम 7 रूल 11 के प्रार्थना पत्र पर बहस करना चाहते हैं। बहस करना चाहते हैं । अदालत में कहा कि जो दस्तावेज आज हमने मांगे थे ,उनकी कापी वादी पक्ष ने काफी देरी से दी है। उन्होंने अदालत से अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा। अदालत ने 11 जुलाई की तारीख अगली सुनवाई के लिए तय की है। 

Edited By: Abhishek Saxena