आगरा(जेएनएन): कानून के दरवाजे पर ही कानून को गोली मार दी गई और कानून के रखवाले देखते रह गए। सरेआम इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

घटना थाना न्यू आगरा की है। यहां थाने के गेट पर ही अधिवक्ता को गोली मार दी गई। फिलहाल घायल को देहली गेट स्थित पुष्पांजलि हॉस्पीटल ले जाया गया है, जहां चिकित्सक अधिवक्ता के उपचार में जुट गए हैं।

मामले के अनुसार अधिवक्ता आशुतोष श्रोतिया का दीवानी परिसर में एक अस्पताल संचालक डॉ. एचएस बैरागी से झगड़ा हुआ था। झगड़ा बढ़ने पर पुलिस डॉ. बैरागी को पकड़कर न्यू आगरा थाना ले आई थी। सूचना पर डॉ. बैरागी का बेटा डॉ. अभिप्राय भी थाने पहुंच गया था। इधर अधिवक्ता डॉ. बैरागी के खिलाफ तहरीर देने थाने पहुंच गए। इससे पहले अंदर जाकर अधिवक्ता तहरीर देते डॉ. बैरागी के बेटे डॉ. अभिप्राय ने थाने के गेट पर ही उन्हें रोककर बहुत करीब से गोली दाग दी और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपित डॉ. अभिप्राय को पीछा करते हुए कुछ ही समय अंतराल में हाइवे से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित बाप- बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

गोली चलने की आवाज सुनकर थाने पर तैनात पुलिसकर्मियों सहित आस पास के लोग मौके पर पहुंच गए। आनन फानन में घायल अधिवक्ता को पुष्पांजलि हॉस्पीटल ले जाया गया।

थाने के गेट पर दिन दहाड़े हुई इस वारदात से हर कोई सन्न है। हर वक्त भीड़भाड़ से घिरा रहने वाले थाने से आरोपित घटना को अंजाम देकर आसानी से फरार होने में कामयाब भी हो गया। वारदात के बारे में जो कोई सुन रहा है वो पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि जब कानून की लड़ाई लड़ने वाला अधिवक्ता कानून की देहरी पर आकर वारदात का शिकार हो गया तो शहर में आम जनता किस तरह सुरक्षित महसूस करे।

Posted By: Jagran