जेएनएन, आगरा। बरहन में खेत पर सोते किसान की शनिवार रात को गोली मारकर हत्या कर दी गई। सुबह उनका शव चारपाई पर पड़ा मिला। उनकी कनपटी से सटाकर गोली मारी गई। स्वजन किसी भी तरह की रंजिश से इन्कार कर रहे हैं।

बरहन के गाव गढ़ी सहजा निवासी 62 वर्षीय महेंद्र शनिवार रात को खेत पर सोने गए थे। उनका खेत गाव से 500 मीटर की दूरी पर है। रविवार सुबह बेटा अनिल उन्हें चाय देने गया तो चारपाई पर खून से लथपथ पिता की लाश पड़ी थी। उनकी कनपटी में गोली लगी थी। उसने स्वजन को सूचना दी। इसके बाद पुलिस भी पहुंच गई। एसओ बरहन कुलदीप दीक्षित ने बताया कि महेंद्र के दो बेटे अनिल व अजीत और पाच बेटिया हैं। सभी की शादी हो चुकी है। हाल ही में महेंद्र ने सादाबाद में अपना प्लाट 1.25 करोड़ रुपये में बेचा था। अब वे बरहन में प्लाट खरीदकर मार्केट बनाना चाह रहे थे। स्वजन ने किसी पर भी हत्या का शव नहीं जताया है। एसओ का कहना है कि हत्यारोपितों में किसान का परिचित हो सकता है। मुकदमा दर्ज कर लिया है। सभी पहलुओं पर जाच की जा रही है। स्वतंत्रता सेनानी के धेवते थे महेंद्र

महेंद्र सिंह और उनके छोटा भाई विनोद मूल रूप से सादाबाद के गांव शेरपुर के रहने वाले हैं। आजादी के समय लगान विरोधी आंदोलन में सहयोग करने वाले गढ़ी सहाजा निवासी स्वतंत्रता सेनानी ज्ञान सिंह उनके नाना थे। ज्ञान सिंह के कोई बेटा नहीं था। लिहाजा उन्होंने धेवते महेंद्र व विनोद को 32 बीघा खेती और आवास दिया था। महेंद्र और उनके भाई विनोद की सादाबाद और शेरपुर में जमीन भी है। इस कारण उनका सादाबाद में आना-जाना रहता है।

Edited By: Jagran