आगरा(जेएनएन): एसएन में महिला जूनियर डॉक्टर के कमरे में घुसने पर मेल नर्स की पिटाई के बाद 20 घंटे तक इलाज में व्यवधान रहा। मेल नर्स द्वारा दो मेडिकल छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बाद मंगलवार शाम दोनों पक्षों में समझौता हो गया।

एसएन के बाल रोग विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से संविदा पर 16 मेल और फीमेल नर्स कार्यरत हैं। चार अगस्त की रात मेल नर्स विजेंद्र सिंह महिला जूनियर डॉक्टर के कमरे में घुस गया। विवाद के बाद इसकी शिकायत विभागाध्यक्ष से की गई थी। मेडिकल छात्र सोमवार की रात बाल रोग विभाग पहुंचे। पीआइसीयू में ड्यूटी कर रहे मेल नर्स विजेंद्र सिंह की धुनाई लगा दी। इसके बाद संविदा नर्सो ने काम बंद कर दिया। मेल नर्स की तहरीर पर थाना एमएम गेट में मेडिकल छात्र विपिन कुमार और प्रभात कुमार के खिलाफ पुलिस ने मारपीट और गाली गलौज की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। आक्रोशित मेडिकल छात्रों ने मंगलवार दोपहर प्राचार्य कार्यालय घेर लिया। प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा ने शाम को दोनों पक्षों को बुलाया और समझौता करा दिया। इंस्पेक्टर एमएम गेट ने बताया कि समझौते की कॉपी नहीं मिली है। मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

उधर, रात से ही संविदा नर्स ने काम करना बंद कर दिया था। इससे बाल रोग विभाग में भर्ती करीब 80 बच्चों को इंजेक्शन लगाने में समस्या हुई। जूनियर डॉक्टरों के साथ एसएन के नर्सिग स्टाफ को लगाया गया। तीमारदार मंगलवार शाम तक इंजेक्शन लगवाने के लिए चक्कर लगाते रहे।

कैंसर रोग विभाग में तीमारदार से मारपीट की जांच: पिछले दिनों एसएन के कैंसर रोग विभाग में जूनियर डॉक्टर और तीमारदारों के बीच मारपीट हुई थी। इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस जांच कर रही है। इसे लेकर जूनियर डॉक्टर शाम को प्राचार्य से मिले।

Posted By: Jagran