जागरण संवाददाता, आगरा : जल संस्थान में पेयजल लाइन बिछाने में एक और घपला हुआ है। लोहामंडी जोन दो (वार्ड 77) में चार साल के बाद भी पूरी लाइन नहीं बिछी है, जबकि जल संस्थान ने एस्टीमेट से अधिक भुगतान कर दिया। चार के बदले दो स्लूस वाल्व लगाए गए। मामले की शिकायत मंडलायुक्त के. राम मोहन राव से की गई है।

13वें वित्त आयोग के तहत वर्ष 2014-15 में जल संस्थान ने लोहामंडी में 300 मीटर लंबी पाइप लाइन बिछाने का निर्णय लिया था। जल निगम ने 19.80 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया। इसमें चार स्लूस वाल्व लगने थे, जो 250 से 300 एमएम के थे। इसकी कीमत तीन लाख रुपये थी। पाइप लाइन बिछाने से हजारों लोगों को फायदा होता। तत्कालीन महाप्रबंधक मंजूरानी गुप्ता ने चहेते ठेकेदार को कार्य दिलाने के लिए निविदा का प्रकाशन अखबारों में नहीं कराया। एस्टीमेट के अनुसार पेयजल लाइन डालने में रोड की जो खोदाई होनी थी। उसकी मरम्मत के लिए 1.8 लाख रुपया का प्रावधान किया गया था, लेकिन ठेकेदार ने लाइन बिछाने में हद दर्जे की लापरवाही बरती। ठेकेदार को 19.80 लाख के बदले 23.40 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया पर रोड की मरम्मत भी नहीं की गई। पूर्व पार्षद हेमंत प्रजापति ने बताया कि पेयजल लाइन में आठ लाख रुपये का घपला हुआ है। चार के बदले दो स्लूस वाल्व लगाए गए हैं। रोड नहीं बनी और एस्टीमेट से अधिक ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया। चार साल के बाद भी लाइन अधूरी पड़ी है।

जनता से धोखा

पूर्व पार्षद हेमंत प्रजापति ने बताया कि जल संस्थान के अफसरों और ठेकेदार ने जनता से धोखा किया है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अधूरी पड़ी लाइन को पूरा कराया जाए।

जोन एक के अफसरों को किया तैनात

पेयजल लाइन में खेल के लिए अफसरों की सेटिंग की गई है। लोहामंडी जोन दो में शामिल है, लेकिन जोन एक के अधिकारी ओम प्रकाश वर्मा और विजय बहादुर सिंह को कार्य कराने की जिम्मेदारी दी गई थी।

इन क्षेत्रों को होता फायदा

पाइप लाइन बिछने से गोकुलपुरा, अहीरपाड़ा, बल्का बस्ती, छपैटी, राजामंडी, पचकुइयां, नत्थी का खेत, पुनियापाड़ा, नयाबांस के लोगों को फायदा मिलता। इन क्षेत्रों में सालभर से पानी की दिक्कत बनी रहती है।

विधायक योगेंद्र ने किया था उद्घाटन

लोहामंडी में पेयजल लाइन का उद्घाटन विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने छह दिसंबर, 2014 को किया था। इस दौरान पूजा पाठ भी हुआ था।

Posted By: Jagran