आगरा, जागरण संवाददाता। सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी (सीईसी) की टीम ने ग्वालियर रोड पर भी पेड़ों के काटे जाने के प्रति असहमति जताई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने आगरा ग्‍वालियर सड़क के चौड़ीकरण को 317 पेड़ काटने की अनुमति सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांगी है। सीईसी ने पीडब्ल्यूडी को ट्री ट्रांसलोकेट और रोड अलाइनमेंट चेंज कर पेड़ों को बचाने को कहा। अब पीडब्ल्यूडी योजना को रिव्यू करेगा।

अवंतीबाई चौराहा से ग्वालियर रोड पर रोहता नहर तक 32 करोड़ रुपये की लागत से करीब 6.5 किमी लंबे रोड का चौड़ीकरण किया जाना है। रोड के चौड़ीकरण को 317 पेड़ काटने की अनुमति मांगने को पीडब्ल्यूडी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी के अंतिम सप्ताह में हुई सुनवाई में सीईसी को निरीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। गुरुवार को सीईसी की टीम ने रोड का निरीक्षण किया। टीम ने पुराने पेेड़ों को बचाने के लिए ट्री ट्रांसलोकेट और रोड अलाइनमेंट चेंज कर योजना को रिव्यू करने के लिए पीडब्ल्यूडी को कहा है।

सर्किट हाउस में की बैठक

सीईसी की टीम ने निरीक्षण के बाद सर्किट हाउस में कमिश्नर अमित गुप्ता के साथ बैठक की। सूर सरोवर पक्षी विहार (कीठम) के ईको सेंसिटिव जोन के गलत निर्धारण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले डा. शरद गुप्ता ने भी सीईसी की टीम से मुलाकात की। सीईसी को सूर सरोवर पक्षी विहार के ईको सेंसिटिव जोन को लेकर भी रिपोर्ट देनी है। टीम ने दोबारा आगरा आने और सूर सरोवर पक्षी विहार का निरीक्षण करने की जानकारी दी।

यह रहे मौजूद

निरीक्षण व बैठक में प्रो-पुअर टूरिज्म डवलपमेंट प्रोजेक्ट के प्रोजेक्ट मैनेजर ओपी श्रीवास्तव, उपनिदेशक पर्यटन अमित, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी दिव्या, क्षेत्रीय अधिकारी उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भुवन प्रकाश यादव, राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर दिलीप सिंह आदि मौजूद रहे।

 

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