आगरा में समाजवादी पार्टी का दलित सम्मेलन जीआइसी मैदान में, आएंगे अखिलेश यादव
सपा 15 नवंबर को आगरा के जीआइसी मैदान में पश्चिमी उप्र का विशाल दलित सम्मेलन आयोजित करेगी, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष ...और पढ़ें

प्रेस कांफ्रेंस में सम्मेलन की जानकारी देते राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन।
जागरण संवाददाता, आगरा। विधानसभा चुनाव में पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक (पीडीए) फार्मूले पर जोर दे रही सपा आगरा में पश्चिमी उप्र के विशाल दलित सम्मेलन का आयोजन करेगी। जीआइसी मैदान में 15 नवंबर को होने वाले सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आएंगे। सम्मेलन में भीड़ जुटाने को सपा द्वारा पश्चिमी उप्र के जिलों में बैठकें की जा रही हैं।
सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन ने शनिवार को संजय प्लेस के एचआइजी फ्लैट स्थित निवास में प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य वर्तमान सरकार के दलित विरोधी चरित्र को उजागर करना है। इसमें भविष्य में दलितों के संरक्षण एवं उनके साथ हो रहे अन्याय पर सार्थक चर्चा होगी। आगरा में होने वाला दलित महाकुंभ प्रदेश की आगामी राजनीति की दिशा तय करेगा।
उन्होंने कहा कि योगीराज में स्थिति यह है कि 72 जिलों में पिछले एक वर्ष में 151 स्थानाें पर डा. भीमराव आंबेडकर की मूर्तियां टूटी हैं। यह मात्र मूर्तियों पर हमला नहीं है, उनके विचारों पर हमला है। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के अनुसार देश में सबसे अधिक दलितों पर अत्याचार उत्तर प्रदेश में हुए हैं। योगी का बुलडोजर जाति और धर्म को देखकर चलता है।
सुमन ने कहा कि दलितों में असुरक्षा की भावना है। स्थायी नौकरियों की जगह आउटसोर्सिंग और कांट्रेक्ट पर भर्ती कर आरक्षण को समाप्त करने की साजिश की जा रही है। विधानसभा चुनाव से पहले आउटसोर्सिंग भर्ती का निगम बनाकर सरकार पिछड़ा एवं दलितों का आरक्षण सुरक्षित रखने की बात कहकर उन्हें गुमराह करने का असफल प्रयास कर रही है।
छुटभयै नेताओं पर नहीं करें बयानबाजी
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के बीच बयानबाजी पर सुमन ने कहा कि यह छुटभयै नेता हैं। अखिलेश यादव को उन पर बयानबाजी नहीं करनी चाहिए।
