आगरा, जागरण संवाददाता। ताजनगरी को प्लास्टिक प्रदूषण से बचाने और स्वच्छ बनाने को चार स्टार्टअप शुरू होंगे। एयर एक्शन प्लान के तहत स्टार्टअप कर आगरा इनावेशन लैब शहर को स्वच्छ बनाएगी। रोबोट यमुना की सफाई करेगा और सड़कों व नाले-नालियों की सफाई जटायु द्वारा की जाएगी। प्लास्टिक को रिसाइकिल किया जाएगा, जिससे कि उसे जलाने से वायु प्रदूषण नहीं हो।

नगर निगम के साथ आगरा इनोवेशन लैब का करार जनवरी, 2021 में हुआ था। इसके तहत 100 से अधिक स्टार्ट अप द्वारा शहर को प्रदूषण मुक्त करने और स्वच्छ बनाने के लिए सुझाव दिए गए। जिला प्रशासन, यूनाइटेड नेशंस इन्वायरमेंट प्रोग्राम (यूएनईपी), मैसिव अर्थ फाउंडेशन और आगरा इनोवेशन लैब की बुधवार को हुई वर्चुअल कांफ्रेंस में चार स्टार्टअप ने अपने प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी। प्लास्टिक के जलने से वायु और पानी में जाने से होने वाले जल प्रदूषण को रोकने के लिए सुझाव दिए गए। आगरा के लिए चयनित चार स्टार्टअप में हांगकांग का क्लीयरबोट, स्प्रूसअप का जटायु सुपर, लुक्रो और रेसिटी हैं। क्लियरबोट का रोबोट यमुना में कचरे का पता लगाकर उसे एकत्र कर सकता है। जटायु सुपर सड़क के किनारे, नालियों व डलाबघरों से कूड़ा एकत्र करेगा। लुक्रो पालीथिन को रिसाइकिल करेगा और रेसिटी डाटा संग्रह कर नगर निगम के राजस्व में वृद्धि करने में सहायक होगा। सिंगापुर का इन्क्यूबेशन नेटवर्क इसमें उद्यमिता सहयोग प्रदान करेगा।

डीएम प्रभु एन. सिंह ने कहा कि हम प्लास्टिक मुक्त आगरा की ओर बढ़ रहे हैं। शहर को प्लास्टिक और प्रदूषण मुक्त बनाने के स्टार्टअप अच्छे हैं, इन्हें आगे बढ़ाया जाना चाहिए। मैसिव अर्थ फाउंडेशन की परियोजना प्रमुख गरिमा मिश्रा ने कहा कि कचरा एक जटिल समस्या है। हम प्रदूषण में कमी लाने को प्रतिबद्ध हैं और हम स्टार्टअप, निवेश व बुनियादी ढांचे में सुधार पर ध्यान देते हैं। आगरा में प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या को दूर करने के लिए हम शीघ्र काम शुरू करेंगे। यूएनईपी के कंट्री हैड अतुल बगई, नगर आयुक्त निखिल टीकाराम कांफ्रेंस में शामिल रहे।

कचरा जलाने से निकलती हैं जहरीली गैस

विश्व में प्रतिवर्ष दो अरब टन से अधिक कचरा पैदा होता है। प्लास्टिक व पालीथिन को खराब होने पर फेंक दिया जाता है। खुले में कचरे में पालीथिन इधर-उधर पड़ी रहती हैं। खुले में कचरा जलाने से सूक्ष्म कण व जहरीली गैसें निकलती हैं जो सांस के साथ मानव शरीर में प्रवेश कर स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।

Edited By: Prateek Gupta