जागरण टीम, आगरा। बरहन थाने में तैनात दारोगा की कार की चपेट में आकर बाइक सवार घायल हो गए। हादसे के बाद रोकने की कोशिश में दारोगा ने ग्रामीणों पर कार चढ़ाने की कोशिश की। वह कार को भगा ले गया। गुस्साए ग्रामीणों ने आंवलखेड़ा पुलिस चौकी का घेराव किया। उन्होंने दारोगा पर नशे की हालत में गाड़ी चलाने का आरोप लगाया है। वहीं हादसे में घायल एक किशोर की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

बरहन निवासी जितेंद्र (22) आंवलखेड़ा में अपने चाचा राकेश के मेडिकल स्टोर पर बैठता है। रविवार को उसका छोटा भाई 16 वर्षीय प्रवीण भी दुकान पर था। चाचा राकेश ने बताया कि जितेंद्र, प्रवीण और दुकान पर काम करने वाले अंशुल निवासी बरहन रविवार रात दुकान बंद कर बाइक पर घर लौट रहे थे। गढ़ी हरजू के पास सामने से आई तेज रफ्तार कार ने उन्हें चपेट में ले लिया। हादसे में जितेंद्र, प्रवीण और अंशुल घायल हो गए। प्रवीण की हालत नाजुक देख उसे आगरा ले जाया गया। वहीं हादसे के बाद मौके पर जुटे ग्रामीणों ने कार को रोकने की कोशिश की तो उसमें सवार बरहन थाने पर तैनात एक दारोगा ने उन पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। इसके बाद वह कार लेकर भाग निकले। हादसे से गुस्साए लोगों ने रात को चौकी का घेराव किया। राकेश के मुताबिक दारोगा शराब के नशे में धुत था। उन्होंने पुलिस से दारोगा का मेडिकल परीक्षण कराने की मांग की। एसओ बरहन वीर बहादुर सिंह का कहना है कि दारोगा ड्यूटी पर जा रहा था। बुग्गी को बचाने के चक्कर में हादसा हुआ है। दारोगा के नशे में होने की बात गलत है।