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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

RIP Mithilesh Chaturvedi: अभिनेता मिथिलेश ने की थी आगरा में सरकारी नौकरी, यहीं सीखीं अदाकारी की बारीकियां

By Prateek GuptaEdited By:
Published: Fri, 05 Aug 2022 09:54 AM (IST)

RIP Mithilesh Chaturvedi ताजनगरी में सरकारी नौकरी के साथ मिथिलेश ने किया था थिएटर। उपनिबंधक फर्म्स एवं चिट्स कार्यालय में ...और पढ़ें

RIP Mithilesh Chaturvedi: दिवंगत अभिनेता मिथिलेश चर्तुवेदी का आगरा से गहरा नाता रहा।
RIP Mithilesh Chaturvedi: दिवंगत अभिनेता मिथिलेश चर्तुवेदी का आगरा से गहरा नाता रहा।

आगरा, निर्लोष कुमार। फिल्म गदर में अपने दमदार अभिनय से छाप छोड़ने वाले फिल्म एवं टीवी अभिनेता मिथिलेश चतुर्वेदी का आगरा से भी नाता रहा है। वह यहां उपनिबंधक फर्म्स एवं चिट्स कार्यालय में तैनात रहे थे। यहां सरकारी नौकरी करते हुए वह थिएटर भी किया करते थे। उनकी बड़ी बेटी चारू की ससुराल मुगल रोड कमला नगर में है। उनके निधन पर आगरा के रंगकर्मियों ने उनसे जुड़ी स्मृतियों को याद करते हुए शोक जताया है।

सन 1995 तक रहे आगरा में

रंगकर्मी उमाशंकर मिश्र ने बताया कि मुंबई शिफ्ट होने से पूर्व मिथिलेश चतुर्वेदी वर्ष 1990-1995 के बीच आगरा में उपनिबंधक फर्म्स एवं चिट्स कार्यालय में तैनात रहे थे। तब वह थिएटर किया करते थे। यहां वह प्रतापपुरा और नामनेर में रहे थे। उन्होंने उनके साथ नाटक आधे-अधूरे, भैंसिस्तान, कथा एक कंस की और बहुत बड़ा सवाल में काम किया था। उमेश अमल निर्देशित भैंसिस्तान, खालिस्तान पर एक कटाक्ष था, जिसका मंचन होटल क्लार्क शीराज में हुआ था।

संस्कार भारती के नाटक आधे-अधूरे का चयन राज्य नाट्य सम्मान के लिए हुआ था और इसका मंचन उन्नाव में किया गया था। हैंड्स अप नाटक की रिहर्सल करते हुए कलाकारों को देखकर उन्होंने कहा था कि ऐसा लग रहा है, जैसे नाटक का मंचन हो रहा हो। डेढ़ वर्ष पूर्व वह आगरा आए थे।

अच्छे कलाकार और सच्चे इंसान

फ्रेंड्स थिएटर क्रिएशन ग्रुप के अध्यक्ष रंगकर्मी अनिल जैन ने बताया कि उनके ग्रुप ने छह वर्ष पूर्व कमला नगर पार्क में नुक्कड़ नाटक का मंचन किया था। इसमें मिथिलेश चतुर्वेदी मुख्य अतिथि के रूप में आए थे। उन्होंने युवा रंगकर्मियों को अभिनय से जुड़े महत्वपूर्ण टिप्स दिए थे। वह अच्छे कलाकार होने के साथ ही सच्चे इंसान भी थे।