आगरा, जागरण संवाददाता। परिषदीय विद्यालयों में अब सिर्फ 2010 के बाद नियुक्त पाने वालेे शिक्षकों के ही प्रमाण पत्र जमा कराए जाएंगे। यह आदेश जारी करते हुए बीएसए राजीव कुमार यादव ने इससे पहले नौकरी पाने वाले शिक्षकों को बड़ी राहत दी। यह आदेश उन्होंने अपर मुख्य सचिव के आदेश पर जारी किया, हालांकि शिक्षक संगठन इसे अपने विरोध का नतीजा करार दे रहे हैं।

बीएसए राजीव कुमार यादव ने आदेश जारी कर सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अब सिर्फ चयनित शिक्षकों के नियुक्ति संं संंबंधित अभिलेख ही जुटाने हैं। इसके लिए निर्धारित प्रारूप पर रोस्टर बनाकर एक दिन में 60 शिक्षकों के अभिलेखों की तीन प्रति जमा कराएं, जिनमें से एक अपने कार्यालय और दो बीएसए कार्यालय में जमा कराएं। इसके लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है। यह निर्देश उन्होंने अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा के 17 जून को जारी आदेेश के क्रम में जारी किया।

इनकी होगी जांच

68500, 12460, 16448, 15000, 72825, 10 हजार, 10800, 9700 सहायक अध्यापक भर्ती प्राथमिक स्तर व 3500, 4280 सहायक अध्यापक भर्ती उर्दू भाषा प्राथमिक स्तर एवं 29334 सहायक अध्यापक विज्ञान-गणित उच्च प्राथमिक स्तर या अन्य भर्ती।

शिक्षक संघों ने बताया अपनी जीत

यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर का कहना था कि पुराने आदेश की आड़ में फर्जी लोगों को बचाने का षड्यंत्र था। विभागीय बाबू अधिक फाइलें इकट्ठा कर जांच भटकाने की जुगाड़ में थे, इसलिए शिक्षकों से आवेदनपत्र और बैंक ड्राफ्ट जैसे अनावश्यक अभिलेख मांगकर जांच लटकाना चाहते थे। लेकिन संगठन ने विरोध कर इससे बीएसए को अवगत कराया, जिसके बाद उन्होंने यह संशोधन जारी किया। यूटा जिलाध्यक्ष केशव दीक्षित व जिला महामंत्री राजीव वर्मा ने इसे संगठन की जीत करार दिया। 

Posted By: Prateek Gupta

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