आगरा: अवैध मतांतरण मामले में विदेशी सरगना दाऊद अहमद की संपत्ति होगी कुर्क, रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी
आगरा पुलिस अवैध मतांतरण मामले में वांछित विदेशी सरगना दाऊद अहमद की संपत्ति कुर्क करेगी। न्यायालय में हाजिर न होने ...और पढ़ें

नोटिस चस्पा करती पुलिस।

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जागरण संवाददाता, आगरा। अवैध मतांतरण मामले में विदेशी सरगना के न्यायालय में हाजिर न होने पर संपत्ति कुर्क की जाएगी। इसके लिए पुलिस कार्रवाई में जुटी है। इसके बाद आरोपित को कनाडा से भारत लाने के लिए इंटरपोल के माध्यम से रेड कार्नर नोटिस जारी कराया जाएगा। हाल ही में आगरा पुलिस ने विदेशी सरगना के भोपाल स्थित गोपाल स्थित आवास पर नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई की थी।
भोपाल स्थित घर पर पुलिस कर चुकी है नोटिस चस्पा की कार्रवाई
आगरा के चर्चित अवैध मतांतरण मामले में विदेशी सरगना के रूप में कनाडा में रह रहा दाऊद अहमद वांछित है। हाल ही में आगरा पुलिस ने आगरा पुलिस ने भोपाल के गांधीनगर स्थित रिलायबल हाइटेक सिटी कॉलोनी में स्थित दाऊद के घर पर न्यायालय से जारी नोटिस चस्पा किया था। पुलिस टीम ने उसके पिता जावेद और भाई को भी नोटिस तामील कराया साथ ही कॉलोनी में मुनादी भी कराई थी।
इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की भी तैयारी
नोटिस के अनुसार दाऊद अहमद को फरवरी में न्यायालय में पेश होना है। आरोपित के न्यायालय में हाजिर न होने पर संपत्ति को कुर्क किया जाएगा। इसके लिए आगरा पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस कनाडा से दाऊद को भारत लाने के लिए इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया पूरी कर रही है।
बीते वर्ष हुआ था पर्दाफाश, सरगना सहित 14 हुए थे गिरफ्तार
सदर से इस वर्ष 24 मार्च को गायब दो बेटियों को पुलिस ने 18 जुलाई को कोलकाता के मुस्लिम बाहुल्य तपसिया क्षेत्र से बरामद किया था। बेटियों का अवैध मतांतरण कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरोह का सरगना दिल्ली के मुस्तफाबाद का रहने वाला अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह है।
सभी आरोपित अभी जेल में हैं
पुलिस ने अब्दुल रहमान के अलावा गोवा की आयशा उर्फ एसबी कृष्णा, शाहगंज के सराय ख्वाजा के रहने वाले रहमान कुरैशी, हसन अली उर्फ शेखर राय एवं मोहम्मद अली उर्फ पीयूष पंवार समेत 14 लोगों को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में सभी 14 आरोपित जेल मेें हैं। पुलिस की छानबीन में सामने आया कि मौलाना कलीम सिद्दीकि के जेल जाने के बाद अवैध मतांतरण गिराेह की कमान अब्दुल रहमान के हाथ में थी।
