आगरा, अली अब्बास। ताजनगरी से सस्ते नशे की तस्करी के तार पश्चिम बंगाल, बिहार, हिमाचल प्रदेश के अलावा बांग्लादेश से भी जुड़े बताए गए हैं । ताजनगरी से गंध रहित सस्ते नशे के रूप में फेंसिडिल समेत अन्य कफ सीरप का कारोबार बेधड़क चल रहा है । इस साल जनवरी से अब तक बांग्लादेश की सीमा पर इस सीरप की दो लाख से ज्यादा बोतल पकड़ी जा चुकी हैं ।

वाराणसी एसटीएफ की टीम ने 15 अगस्त को आजमगढ़ जिले से आगरा से फेंसिडल कफ सीरप लेकर सिलीगुड़ी जा रहे ट्रक को पकड़ा था । ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें कफ सीरप की 39,900 बोतल बरामद की थीं । यह माल ताजनगरी के सिकंदरा थाना में फैक्ट्री एरिया के किसी गोदाम से लोड किया गया था । एसटीएफ द्वारा ट्रक चालक और क्ललीनर से की गयी पूछताछ में सामने आया कि उसे सिलीगुड़ी पहुंचने के बाद पार्टी फोन करके बताती कि माल कहां पर उतारना है ।

पकड़ा गया ट्रक चालक कफ सीरप की खेप भेजने वाले के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सका । एसटीएफ द्वारा चालक से पूछताछ करने पर उसका कहना था कि माल भेजने वाले ने यह बताया था कि वह खांसी की दवा भेज रहा है । उसे पेटियां खोलकर दिखाईं, इसमें कफ सीरप की बोतलें रखी थीं । इसीलिए इसे ले जाने में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगा । उसे माल पहुंचाने पर भाड़े के अलावा कुछ हजार रुपये ज्यादा मिलते । इसी लालच में वह माल लेकर जा रहा था । छानबीन में जुटी वाराणसी एसटीएफ को कफ सीरप की तस्कारी के तार आगरा के कोतवाली थाना क्षेत्र के दवा मार्केट से जुड़े होने की जानकारी मिली है ।वह इस कारोबार में शामिल लाेगों के बारे में पता लगाने की कोशिश कर रही है ।

इसलिए सिलीगुड़ी बना केंद्र

सिलीगुड़ी उत्तरी बंगाल का प्रमुख वाणिज्यिक, पर्यटक और आवागमन केंद्र है ।गुवाहटी के बाद यह पूर्वोत्तर भारत का दूसरा सबसे बडा नगर है ।नेपाल, भूटान, बांग्लादेश आैर पूर्वोत्तर राज्यों के लिए लोगों के लिए रेल्र, सड़क और हवाई यात्र का पडाव बिंदु है । आशंका है कि नशे के रूप में प्रयोग होने वाले फेंसिडिल कफ सीरप की बड़ी खेप को सिलीगुड़ी मंगाने के बाद उसे अन्य राज्यों और बांग्लादेश तक भेजा जाता ।

नशे का आदी बनाता है ज्यादा सेवन

फेंसिडिल और इस फार्मूले के तहत तैयार अन्य कफ सीरप का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से नशा हाे जाता है । यह सीरप खांसी से पीड़ित मरीजों को डॉक्टरों की सलाह पर निर्धारित मात्रा में दिया जाता है । इसका ज्यादा इस्तेमाल किसी काे भी इसका आदी बना देता है ।ज्यादा मात्रा में लगातार सेवन करने से शरीर पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है ।

सीरप की तस्करी का बढ़ता कारोबार

पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश की जो सीमा लगती है उसे सीमा सुरक्षा बल वाले दक्षिण बंगाल फ्रंटियर का नाम देते हैं।

-वर्ष 2019 में फेंसिडिल सीरप की सात लाख 79 हजार से ज्यादा बोतल पकड़ी गयीं ।

-वर्ष 2018 में सात लाख 15 हजार बोतल पकड़ीं ।

-बांग्लादेश में सीरप की एक बोतल की कीमत पहले 400 से 500 टका थी ।

-अब वहां इसकी कीमत एक हजार से 1200 टका हो गयी है ।

-सीरप बांग्लादेश के अलावा म्यांमार में भी भेजा जा रहा है । 

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