आगरा, जागरण संवाददाता। गड्ढा खोदा, पौधा रखा और मिटटी से गड्ढा ढकने के बाद कुछ बूंदें पानी की उड़ेल दी। लो हो गया पौधारोपण। क्या यह सही तरीका है? नहीं, पौधे के लिए एक निश्चित आकार का गड्ढा खोदा जाता है। उसमें उर्वरक आदि डालकर गड्ढा बंद कर दिया जाता है। इसके कई दिन बाद उसी गड्ढे को पुन खोद कर पौधा रोपा जाता है। जुलाई में होने वाले पौधारोपण से पहले एेसी ही तमाम बातें लोगों के दिमाग में घूमती हैं, जिनके जवाब दे रहे हैं स्पीहा संस्था के पौधारोपण के प्रभारी सेवानिवृत्त कर्नल आरके सिंह।

1- पौधे लगाने से एक महीना ये 15 दिन पहले 2x2x2 आकार का गड्ढा खोदें।

2- गड्ढे में दीमक मारने का ट्रीटमेंट भी एक महीना पहले या 15 दिन पहले ही होना चाहिए।

3- गड्ढे को सूरज की भरपूर रोशनी मिले।

4- पौधारोपण से एक या दो दिन पहले गड्ढे में खाद डालें।

5- सुनिश्चित करें कि पौधे की जड़ों के पास की मिट्टी (आमतौर पर पालिथीन बैग में) बरकरार है और पौधे के साथ ही लगाई जाए।

6- पौधा लगाने के बाद पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए (किस्म के आधार पर)। यदि मौसम गर्म है, तो शाम के समय पानी देना उत्तम समय है।

7- पहले तीन महीनों के लिए, हर 15 दिनों में कीड़ों के संक्रमण की जांच करें और उसके बाद हर महीने जब तक कि पौधा मानव ऊंचाई (छह फीट) तक न बढ़ जाए।

8- नियमित रूप से पानी देना, खाद और उपचार (संक्रमण के मामले में) की आवश्यकता होती है। स्पीहा एक पौधा लगाने के बाद तीन साल तक देखभाल करता है और इसकी जीवित रहने की दर 85 प्रतिशत है।

9- पौधा लगाने का आदर्श समय मानसून की एक-दो बारिश होने या होने की संभावना के बाद होता है। आदर्श पेड़ स्थानीय किस्में हैं।

ये है वन विभाग का लक्ष्य

आगरा में इस साल 51 लाख पौधे लगाने का वन विभाग का लक्ष्य है। 

Edited By: Tanu Gupta