सैंया (आगरा): डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर रालोद ने दलित न्याय मंच का गठन कर जातिवाद को समाप्त करने और अंबेडकर के समता मूलक समाज के लिए लोगों से आह्वान किया। इस दौरान रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि विकास के लिए जातिवाद को समाप्त करने की आवश्यकता है।

ग्वालियर रोड स्थित रावत पैलेस में बुधवार दोपहर आयोजित कार्यक्रम में रालोद नेता ने कहा कि जनता आज भी विश्वसनीय है, पर नेता विश्वास के लायक नहीं हैं। संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर के सिद्धांतों को आगे ले जाने का काम सिर्फ चौ. चरण सिंह ने किया। वे जाति को समाप्त करने की बात करते थे। जातिवाद विकास में बाधक है। उन्होंने कहा कि हम केवल दिखावे की बात नहीं करते। रालोद पर जाट संगठन होने का आरोप गलत है। दलित बहुत पिछड़े हुए हैं। उनके हालात से राजनीतिक दलों को कोई लेना-देना नहीं है। संविधान शिल्पी को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर पूर्व महासचिव ब्रजेश चाहर, जीपी पुष्कर, रामेंद्र परमार, जिलाध्यक्ष मालती चौधरी, नरेंद्र धनगर, हरिओम धनगर, ललितवीर फौजदार, सुभाष रावत आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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